विदेशी रेमिटेंस में भारत नंबर 1: IOM रिपोर्ट में 137 अरब डॉलर की आमद का खुलासा

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भारत ने एक बार फिर विदेशों से आने वाली रकम (रेमिटेंस) के मामले में दुनिया में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

International Organization for Migration (IOM) की ‘वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत को 137 अरब डॉलर से अधिक की राशि प्राप्त हुई, जो वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने वाला अकेला देश रहा। इसके बाद Mexico दूसरे स्थान पर है, जबकि Philippines और France भी शीर्ष रेमिटेंस प्राप्त करने वाले देशों में शामिल हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत को 2010 में 53.48 अरब डॉलर, 2015 में 68.91 अरब डॉलर, 2020 में 83.15 अरब डॉलर और 2024 में बढ़कर 137.67 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला—जो तेज़ी से बढ़ते प्रवासी आय प्रवाह को दर्शाता है।

क्षेत्रीय स्तर पर दक्षिण एशिया में 2024 के दौरान रेमिटेंस में 11.8% की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसमें India के साथ Pakistan और Bangladesh को मिले मजबूत प्रवाह की अहम भूमिका रही।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उच्च आय वाले देश रेमिटेंस के प्रमुख स्रोत बने हुए हैं। United States से 2024 में 100 अरब डॉलर से अधिक की राशि दूसरे देशों को भेजी गई, जो सबसे ज्यादा है। इसके बाद Saudi Arabia, Switzerland और Germany का स्थान रहा।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में भी एशियाई देशों का दबदबा बना हुआ है। वर्ष 2022 में China के 10 लाख से अधिक छात्र विदेशों में पढ़ रहे थे, जबकि भारत 6.2 लाख छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

रिपोर्ट में भारतीय प्रवासी समुदाय को देश के तकनीकी और आर्थिक विकास में अहम योगदान देने वाला बताया गया है। साथ ही ‘ब्रेन ड्रेन’ को ‘ब्रेन गेन’ में बदलने के लिए प्रभावी नीतियों की जरूरत पर जोर दिया गया है।

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