गठबंधन राजनीति में घिरी विजय सरकार, DMK बनी सबसे ताकतवर साथी

6

लगातार चले लंबे चुनाव प्रचार, गठबंधन की पेचीदा बातचीत और कई दौर की राजनीतिक उठापटक के बाद आखिरकार तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

हालांकि सत्ता तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। सरकार गठन के लिए विजय को सहयोगी दलों का समर्थन जुटाने में काफी राजनीतिक संतुलन साधना पड़ा। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष बहुमत का दावा पेश कर दिया है, लेकिन अब असली परीक्षा विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने की होगी।

VCK और IUML के समर्थन से बनी सरकार

विजय सरकार को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाने में विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की अहम भूमिका रही। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और इन्हीं के समर्थन से TVK बहुमत के आंकड़े को पार कर सकी है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि दोनों पार्टियों ने DMK से अपने राजनीतिक रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं किए हैं।

VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने साफ कहा कि उनकी पार्टी अभी भी DMK गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन राज्य में संवैधानिक संकट से बचने और राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति रोकने के लिए विजय सरकार का समर्थन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि TVK को समर्थन देने के फैसले की जानकारी उन्होंने पहले ही DMK नेता एमके स्टालिन को दे दी थी। IUML ने भी लगभग इसी तरह का रुख अपनाते हुए विजय सरकार को समर्थन दिया, लेकिन DMK से अपनी राजनीतिक निकटता बनाए रखी।

तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण

तमिलनाडु की राजनीति में यह स्थिति काफी असामान्य मानी जा रही है। एक तरफ छोटे सहयोगी दल विजय सरकार को सत्ता तक पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे मुख्य विपक्षी दल DMK से भी दूरी नहीं बना रहे। ऐसे में विजय सरकार की स्थिरता काफी हद तक इन सहयोगी दलों के रुख पर निर्भर करेगी।

पिछले कुछ दिनों में सरकार गठन को लेकर तेज राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। समर्थन पत्र जुटाने से लेकर राज्यपाल से मुलाकातों तक, TVK को लगातार राजनीतिक गणित साधना पड़ा।

विधानसभा का आंकड़ा

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। विजय के नेतृत्व वाली TVK के पास 107 विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 5, वाम दलों के 4 और VCK व IUML के 2-2 विधायकों का समर्थन मिलाकर सरकार के पक्ष में कुल 120 विधायक खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि सहयोगी दलों के दोहरे राजनीतिक समीकरण के चलते आने वाले दिनों में विजय सरकार की स्थिरता पर नजरें बनी रहेंगी।

Comments are closed.