OpenAI केस में एलन मस्क का जज पर हमला, बोले- अदालत एक्टिविस्ट एजेंडा चला रही

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चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआइ को एलन मस्क के साथ चल रही कानूनी लड़ाई में बड़ी राहत मिली है।

कैलिफोर्निया की नौ सदस्यीय संघीय जूरी ने मस्क की याचिका खारिज कर दी और कहा कि उन्होंने मुकदमा तय वैधानिक समय सीमा के काफी बाद दायर किया था। इस फैसले के बाद ओपनएआइ के संभावित बड़े आईपीओ की राह और साफ मानी जा रही है।

एलन मस्क, जो ओपनएआइ के सह-संस्थापक और शुरुआती निवेशकों में शामिल रहे हैं, ने कंपनी पर अपने मूल उद्देश्य से भटकने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ओपनएआइ को मानवता के हित में काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्था के रूप में बनाया गया था, लेकिन बाद में इसे कारोबारी मॉडल में बदल दिया गया।

मस्क ने अदालत में दावा किया कि उन्होंने ओपनएआइ को खड़ा करने के लिए “मुफ्त फंडिंग” उपलब्ध कराई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने अपने शुरुआती सिद्धांतों से समझौता किया और मुनाफे को प्राथमिकता दी।

हालांकि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और मुकदमा खारिज कर दिया। यह दो महीने से भी कम समय में मस्क की दूसरी बड़ी कानूनी हार मानी जा रही है।

फैसले के बाद मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उच्च अदालत में अपील करने की बात कही। उन्होंने फैसला सुनाने वाली जज यवोन गोंजालेज रोजर्स की आलोचना करते हुए उन्हें “एक्टिविस्ट ऑकलैंड जज” कहा। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस फैसले ने चैरिटी संस्थाओं के दुरुपयोग का रास्ता खोल दिया है।

मस्क और ओपनएआइ के सीईओ सैम आल्टमैन के बीच यह कानूनी लड़ाई करीब तीन सप्ताह तक चली। मस्क ने ओपनएआइ में लगभग 1.8 करोड़ डॉलर का शुरुआती निवेश किया था। आज कंपनी की अनुमानित वैल्यू 852 अरब डॉलर बताई जा रही है।

मस्क चाहते थे कि सैम आल्टमैन को कंपनी के सीईओ पद से हटाया जाए। दूसरी ओर, ओपनएआइ और आल्टमैन ने मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी एआइ कंपनी xAI के हित में प्रतिस्पर्धी कंपनी की प्रगति रोकने की कोशिश है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ एलन मस्क और सैम आल्टमैन के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह उस बड़े बदलाव की झलक है जिसमें दुनिया की सबसे प्रभावशाली एआइ तकनीक तेजी से निजी कंपनियों और चुनिंदा कारोबारियों के नियंत्रण में जाती दिख रही है।

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