मोरक्को से स्पेन के स्यूटा में घुसपैठ की कोशिश में 72 लोगों की मौत, 48 हजार प्रवासियों को लौटाया गया
मोरक्को से स्पेन के स्वायत्तशासी क्षेत्र स्यूटा में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवेश की कोशिश के बाद मानवीय संकट गहरा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकांश लोगों की जान समुद्र में डूबने और भगदड़ के दौरान कुचले जाने से गई। इस बीच स्पेन ने करीब 48 हजार लोगों को वापस मोरक्को भेज दिया है।
60 हजार लोगों ने एक साथ किया था प्रवेश का प्रयास
गुरुवार को एक अफवाह फैलने के बाद लगभग 60 हजार मोरक्कोवासियों ने समुद्र के रास्ते स्यूटा के तराजाल तट से स्पेन में प्रवेश करने की कोशिश की। अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्पेन के सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए हजारों लोगों को सीमा से वापस लौटा दिया।
72 शव बरामद, 1,000 से अधिक घायल
स्पेन सरकार के स्यूटा प्रतिनिधि मिगुएल एंजेल पेरेज ने बताया कि अब तक 72 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक हजार से अधिक घायलों का इलाज किया गया है। वहीं, स्यूटा के स्थानीय प्रशासन के प्रमुख जुआन जीसस ने बताया कि मोर्चरी में कुल 88 शव रखे गए हैं, जिनमें कुछ ऐसे लोगों के भी शव शामिल हैं जिनकी मौत गुरुवार से पहले स्यूटा पहुंचने की कोशिश के दौरान समुद्र में डूबने से हुई थी।
सेना ने जमीनी सीमा से भी लौटाए लोग
स्पेन की सेना ने स्यूटा में प्रवेश कर चुके कई लोगों को मोरक्को से लगने वाली करीब 10 किलोमीटर लंबी जमीनी सीमा के रास्ते वापस भेजा। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
अफवाह बनी बड़े संकट की वजह
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज के अनुसार, मानव तस्करों ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की गलत व्याख्या करते हुए यह अफवाह फैलाई कि समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचने वाले प्रवासियों को बिना सुनवाई वापस नहीं भेजा जाएगा। इसी गलत जानकारी के कारण हजारों लोगों ने एक साथ सीमा पार करने की कोशिश की, जिससे यह गंभीर मानवीय संकट पैदा हुआ।
सीमा पर सुरक्षा और बढ़ाई गई
अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रशासन ने तराजाल तट पर 500 मीटर लंबी तैरती अवरोधक दीवार (फ्लोटिंग बैरियर) स्थापित की है। इसके अलावा समुद्री तट और सीमा क्षेत्र में पुलिस तथा सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है।
बेहतर जीवन की तलाश में जोखिम
अफ्रीका के कई देशों में बेरोजगारी, गरीबी और अस्थिरता के कारण बड़ी संख्या में लोग बेहतर जीवन की उम्मीद में यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं। स्यूटा और मेलिला को अफ्रीका से यूरोप में प्रवेश के प्रमुख रास्तों में माना जाता है। हालांकि इस बार फैली अफवाह ने हजारों लोगों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर कर दिया, जिसके चलते यह घटना हाल के वर्षों के सबसे बड़े प्रवासी संकटों में शामिल हो गई।
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