जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने वाली तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की जाएगी।
लोकसभा की कार्यसूची के मुताबिक, सदन के महासचिव जांच रिपोर्ट को दो खंडों में पटल पर रखेंगे। जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में उनके खिलाफ हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लोकसभा अध्यक्ष ने इस मामले की जांच के लिए 12 अगस्त 2025 को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने मई में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी।
मामला 14 मार्च 2025 की रात सामने आया था, जब जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को परिसर के एक स्टोररूम में कथित तौर पर जले हुए नोट मिले थे। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
जस्टिस वर्मा ने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद उन्हें हटाने की संसदीय प्रक्रिया प्रभावी रूप से निष्प्रभावी हो गई है। हालांकि, विधि मंत्रालय की ओर से उनके इस्तीफे की अधिसूचना अभी जारी नहीं की गई है।
विवाद सामने आने के समय जस्टिस वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीश थे। इसके बाद उन्हें वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया था। अब जांच समिति की रिपोर्ट लोकसभा में रखे जाने के साथ यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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