CJI विवाद पर AIYAA का बड़ा हमला, बार काउंसिल चेयरमैन से मांगा इस्तीफा; ‘लीगल कॉकरोच’ पर भड़का संगठन

0

NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद को लेकर ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) ने 20 अगस्त को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

संगठन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, इस मामले में BCI अपने पहले के फैसले को वापस ले चुका है और मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी है।

BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की जानकारी देते हुए कहा कि AIYAA के आह्वान पर लोग BCI चेयरमैन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उनके इस्तीफे की मांग उठाएंगे। प्रदर्शन सुबह 10 बजे प्रस्तावित है।

सौरव दास ने कहा कि वह जवाबदेही की मांग करने वाले शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, पद पर बैठे लोगों के लिए आचरण के उच्च मानक तय होना जरूरी है।

कॉकरोच जनता पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कानूनी बिरादरी में जवाबदेही की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है।

कैसे शुरू हुआ NALSAR विवाद?

विवाद तब शुरू हुआ जब NALSAR के छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखकर दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।

इसके बाद BCI चेयरमैन ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के मौजूदा ग्रेजुएटिंग बैच के छात्रों को वकील के तौर पर एनरोल न किया जाए। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया समेत कई मंचों पर विरोध शुरू हो गया।

बढ़ते विवाद के बीच BCI ने अपना फैसला वापस ले लिया। इसके बाद मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि विवाद से जुड़ी किसी कार्रवाई, शब्द या पत्र से अगर छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।

अब AIYAA ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदर्शन का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य कानूनी संस्थानों और पदाधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाना है।

Comments are closed.