BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में आज जुटेंगे वैश्विक नेता, दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग

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वैश्विक कूटनीति के लिहाज से शनिवार का दिन भारत के लिए बेहद अहम है।

नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आज 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का औपचारिक आगाज होगा। दो दिवसीय इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेता वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और आपसी सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक दिन पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।

सम्मेलन में सबसे ज्यादा नजरें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक पर रहेंगी। शी चिनफिंग शनिवार दोपहर विशेष विमान से दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे। 2019 के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। ऐसे समय में जब भारत और चीन के बीच संबंधों में लंबे समय से तनाव रहा है, शी की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मोदी-शी मुलाकात से पहले चीन ने दिया रिश्ते सुधारने का संकेत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात से पहले बीजिंग ने भारत-चीन संबंधों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। चीन ने कहा है कि दोनों देशों को मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाते हुए अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना चाहिए।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने, संवाद बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों को सही तरीके से संभालने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है।

माओ निंग के मुताबिक, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच लगातार तीसरे वर्ष मुलाकात हो रही है। इससे पहले दोनों की मुलाकात कजान और तियानजिन में हुई थी।

अच्छे पड़ोसी और विकास के साझेदार बनने पर जोर

बीजिंग ने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी तथा एक-दूसरे के विकास में साझेदार के तौर पर आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया है। शी चिनफिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन के सरकारी समाचार माध्यम शिन्हुआ ने भी ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन के माध्यम से ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की।

शिन्हुआ के मुताबिक, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन विकासशील देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरे हैं। ऐसे में भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और बदलती वैश्विक व्यवस्था में उनकी भूमिका मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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