केरल में 6 दिन पहले पहुंचेगा मानसून, महाराष्ट्र में 45°C के पार पारा; दिल्ली-यूपी में आज हीटवेव का कहर
इस साल समय से पहले आएगा मानसून, महाराष्ट्र में 45°C पार पहुंचा पारा; दिल्ली-यूपी में हीटवेव का कहर
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में कहा कि मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरल में दस्तक देता है। पिछले साल यह 24 मई को पहुंचा था। विभाग के मुताबिक मानसून के आगमन में चार दिन आगे-पीछे की संभावना बनी रहती है।
मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ देश के कई हिस्सों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगती है। अगले 24 घंटों में मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गई हैं।
दूसरी ओर, देश के कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी तापमान 45°C के पार पहुंच गया।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप लोगों को परेशान करेगी। अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 24°C रहने का अनुमान है। दिल्ली-यूपी में हीटवेव का असर बना रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल मानसून सीजन में देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। जून से सितंबर के बीच देश में औसतन 87 सेंटीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार करीब 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जताया गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अल नीनो की स्थिति कमजोर मानसून की बड़ी वजह बन सकती है। अल नीनो पूर्वी प्रशांत महासागर के सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने की स्थिति है, जिससे मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ती हैं और भारत में बारिश कम हो सकती है। इसके कारण तापमान में भी बढ़ोतरी होती है।
उधर, उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। राहत आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार 26 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 113 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। करीब 170 पशुओं की भी जान गई और 227 मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
गुरुवार सुबह रामपुर और मुरादाबाद में टूटे बिजली के तारों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को नुकसान की हर तीन घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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