यूपी में वोटर लिस्ट पर फोकस में BJP, हर बूथ पर 100 नए वोटरों को जोड़ने का लक्ष्य
लखनऊ | लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। राज्य में पार्टी के नए अध्यक्ष का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन संगठन स्तर पर काम तेज़ हो गया है। सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में BJP की एक अहम बैठक हुई जिसमें चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया गया।
बैठक में विधायकों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों को बुलाया गया था। इसमें तय किया गया कि हर बूथ पर कम से कम 100 नए वोटरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा। इसी के साथ, हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 20 हज़ार वोटर बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
बैठक में फर्जी वोटिंग और घुसपैठियों को लेकर भी चिंता जताई गई। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए निर्देश दिया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में न शामिल हों, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाए। BJP के प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी ऐसे नामों को लिस्ट से हटवाने के लिए शिकायत दर्ज कराएगी।
पार्टी के भीतर यह भी चिंता रही कि पिछले लोकसभा चुनाव में कुछ क्षेत्रों में हार की एक वजह वोटर लिस्ट में समर्थकों के नाम न होना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि “नाम छूटने की वजह से नुकसान हुआ, अब ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।”
इस बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। डिप्टी सीएम मौर्य और पाठक ने सभी कार्यकर्ताओं से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
बैठक में बिहार में हाल ही में हुए BJP के अभियान का भी ज़िक्र हुआ। उत्तर प्रदेश में भी इसी तर्ज़ पर संगठित बूथ प्रबंधन और वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा का काम होगा। कार्यकर्ताओं को दो अहम ज़िम्मेदारियां दी गईं:
BJP समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट में हर हाल में जुड़वाना
फर्जी और घुसपैठियों के नाम हटवाने के लिए निगरानी और शिकायत दर्ज कराना
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सिर्फ चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई और स्पष्ट कर दिया गया कि संगठन की प्राथमिकता अगले कुछ महीनों में बूथ स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करना और वोटर लिस्ट को लेकर पूर्ण सावधानी बरतना है।
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