NASA के अंतरिक्ष यात्री जॉनी किम और रूस के कॉस्ममोनॉट सर्गेई रियझिकोव व अलेक्सी जुब्रित्सकी आठ महीने का लंबा वैज्ञानिक मिशन पूरा कर सुरक्षित धरती पर लौट आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर किया गया यह मिशन भविष्य के स्पेस अभियानों और नई तकनीकों के विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
नासा के अनुसार, तीनों अंतरिक्ष यात्री मंगलवार को कजाखस्तान के जेझकजगान शहर के दक्षिण-पूर्व में पैराशूट की मदद से सुरक्षित उतरे। Soyuz MS-27 स्पेसक्राफ्ट 8 दिसंबर की रात 8:41 बजे ISS से रवाना हुआ था और स्थानीय समयानुसार सुबह 10:03 बजे लैंडिंग हुई।
मिशन की प्रमुख उपलब्धियां
इस मिशन के दौरान क्रू ने 245 दिन अंतरिक्ष में बिताए, पृथ्वी की 3,920 परिक्रमा की और करीब 104 मिलियन माइल की दूरी तय की। जॉनी किम और अलेक्सी जुब्रित्सकी का यह पहला अंतरिक्ष मिशन था, जबकि सर्गेई रियझिकोव ने अपने तीसरे मिशन के साथ कुल 603 दिन अंतरिक्ष में पूरे किए।
ISS पर रहते हुए जॉनी किम ने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया। उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में रक्त वाहिकाओं वाले बायोप्रिंटेड ऊतकों के व्यवहार का अध्ययन किया, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष में मानव ऊतक विकसित कर चिकित्सा उपचार को नई दिशा मिल सकती है।
भविष्य के मिशनों को मिलेगी मदद
Surface Avatar स्टडी के तहत किम ने अंतरिक्ष से एक साथ कई रोबोट्स को दूर से नियंत्रित करने के प्रयोग भी किए। यह तकनीक आने वाले चंद्रमा और मंगल मिशनों में रोबोटिक सहायक विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
इसके अलावा, उन्होंने DNA जैसी संरचना वाले नैनोमैटेरियल तैयार करने की प्रक्रिया पर भी काम किया। इससे दवाओं को शरीर के सही हिस्सों तक पहुंचाने वाली उन्नत तकनीकों और नई उपचार पद्धतियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लैंडिंग के बाद मेडिकल जांच पूरी होने पर सभी अंतरिक्ष यात्रियों को कारागांडा ले जाया जाएगा। इसके बाद जॉनी किम NASA के ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर के लिए रवाना होंगे। पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से ISS पर लगातार वैज्ञानिक अनुसंधान किया जा रहा है।
आगे किन मिशनों पर फोकस
NASA के लिए ISS लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष अभियानों की चुनौतियों को समझने और नई तकनीकों के परीक्षण का अहम मंच बना हुआ है। अब जब निजी कंपनियां लो-अर्थ ऑर्बिट में स्पेस स्टेशन और मानव मिशन सेवाओं पर काम कर रही हैं, NASA अपना मुख्य ध्यान चंद्रमा और भविष्य के मंगल मिशनों की तैयारियों पर केंद्रित कर रहा है।
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