मुंबई में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। शहर का AQI 150 से नीचे पहुंच चुका है और कई इलाकों में यह 100 के नीचे दर्ज किया गया।
बीते महीने के अंत में स्थिति खराब होने के बाद मुंबई में GRAP-4 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे। लेकिन कुछ ही दिनों में हवा में सुधार दिखाई देने लगा। इसी के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने सोमवार को दावा किया कि 26 नवंबर के बाद से वायु गुणवत्ता में अहम सुधार हुआ है, जिसके चलते शहर से GRAP-4 की पाबंदियां हटा ली गई हैं।
इसके विपरीत, दिल्ली में ग्रैप की पाबंदियां लागू होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर घटने के बजाय गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार सुबह भी कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया।
मुंबई में कैसे सुधरी हवा?
बुधवार सुबह 6 बजे मुंबई का औसत AQI 132 और नवी मुंबई का 144 दर्ज हुआ। इससे पहले 30 नवंबर को AQI 114 और 1 दिसंबर को 127 रहा था। कांदिवली वेस्ट में तो यह सिर्फ 102 दर्ज किया गया।
बीएमसी के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते ही प्रशासन कार्रवाई मोड में आ गया। प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने पर 482 निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किए गए और इनमें से 264 प्रोजेक्ट्स पर काम रोकने का आदेश दिया गया। साथ ही पानी का छिड़काव, सड़क धुलाई, अवैध निर्माण पर निगरानी और बेकरी व श्मशान घाटों में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए।
GRAP-4 हटाया, लेकिन निगरानी कड़ी
BMC आयुक्त भूषण गगरानी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निजी, सरकारी और अन्य निर्माण परियोजनाओं पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखें। 28-सूत्रीय दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर तुरंत नोटिस दिए जा रहे हैं।
बीएमसी ने बताया कि हवा की गति में बढ़ोतरी, नमी में कमी और प्रशासनिक कदमों ने पिछले 48 घंटों में वायु गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाई है। प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी के लिए 94 वार्ड-स्तरीय उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं।
मौसम ने भी दिया साथ
बीएमसी का कहना है कि पहले हवा की गति 3–4 किमी प्रति घंटा थी, जो अब बढ़कर 10–18 किमी प्रति घंटा हो गई है। इससे प्रदूषण कम होने में मदद मिली है। उड़न दस्ते लगातार निर्माण स्थलों और मेट्रो परियोजनाओं का निरीक्षण कर उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं।
दिल्ली की हवा अब भी दमघोंटू
दिल्ली में हालात अभी भी गंभीर हैं। बुधवार सुबह 6 बजे औसत AQI 377 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
आनंद विहार, बवाना, चांदनी चौक, जहांगीरपुरी, जेएलएन स्टेडियम और नेहरू नगर जैसे इलाकों में AQI 400 से ऊपर बना हुआ है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर बच्चों की सेहत बचानी है, तो कुछ दिनों के लिए दिल्ली से दूर जाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
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