SIR के बाद बंगाल की पहली वोटर लिस्ट जारी, बांकुड़ा में 1.18 लाख नाम कटे

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Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद संशोधित मतदाता सूचियां जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पहली सूची 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई और इसे चरणबद्ध तरीके से जिलों में सार्वजनिक किया जा रहा है। सबसे ज्यादा असर बांकुड़ा जिले में देखने को मिला है, जहां SIR की शुरुआत के बाद से करीब 1.18 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। बांकुड़ा और कूच बिहार समेत कई जिलों में अद्यतन मतदाता सूचियां सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की गई हैं। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट के अनुसार आयोग के आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल ऐप पर ये सूचियां अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

बांकुड़ा में क्या बदला?

चार नवंबर को SIR शुरू होने के समय बांकुड़ा में मतदाताओं की संख्या 30,33,830 थी। 16 दिसंबर को जारी मसौदा सूची में यह घटकर 29,01,009 रह गई। बाद की सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया में लगभग 4,000 और नाम हटाए गए।

फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के आवेदन भी स्वीकृत किए गए, जिसके बाद जिले की अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या करीब 29,15,000 बताई गई है। यानी कुल मिलाकर लगभग 1.18 लाख नामों की शुद्ध कमी दर्ज की गई।

अधिकारियों के अनुसार नाम हटाने के प्रमुख कारण मृत्यु, प्रवास, दोहराव या पते की पुष्टि न होना रहे, जबकि नए नाम आवश्यक सत्यापन के बाद जोड़े गए।

राज्य स्तर पर क्या स्थिति?

16 दिसंबर को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में राज्यभर में 7.08 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे, जो पहले के 7.66 करोड़ के आंकड़े से कम है। सूची में नामों को ‘स्वीकृत’, ‘हटाए गए’ और ‘निर्णयाधीन’ श्रेणियों में बांटा गया है।

आयोग के सूत्रों के मुताबिक, उत्तरी कोलकाता के कुछ हिस्सों में स्वीकृत सूची से करीब 17,000 नाम गायब पाए जाने की खबर के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि लंबित दावों और आपत्तियों के निपटारे के साथ पूरक सूचियां भी जारी की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में 2002 के बाद यह पहला राज्यव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान है।

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