रांची आंदोलन पर अब तक नहीं बनी बात, छात्रों के समर्थन में आज जयराम महतो का निर्जला व्रत

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प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में झारखंड में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।

शनिवार को हेमंत सोरेन सरकार की ओर से गठित 5 सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के बीच हुई दूसरे दौर की वार्ता भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।

सरकार की ओर से समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

छात्रों के समर्थन में जयराम महतो का अनशन

आंदोलन के बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने अभ्यर्थियों के समर्थन में 9 अगस्त को एक दिवसीय अनशन करने का ऐलान किया है। उनके इस कदम से आंदोलन को और राजनीतिक समर्थन मिलने की संभावना है।

सरकार की समिति ने कई छात्र संगठनों से की बातचीत

सरकार की 5 सदस्यीय समिति ने शनिवार को अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। सबसे पहले JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा हुई। उस समय देवेंद्र नाथ महतो अपने अनशन के सातवें दिन पर थे।

इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI, ACS और सत्तारूढ़ दल की छात्र इकाई झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) के प्रतिनिधियों से भी अलग-अलग बातचीत की। करीब दो घंटे चली चर्चा के बावजूद दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।

‘मांगें जायज हैं, मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे’

इससे पहले शुक्रवार देर रात राज्य सरकार और ‘JPSC/JSSC रिफॉर्म मंच’ के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का पहला दौर हुआ था। समिति के सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा था कि परीक्षार्थियों की मांगें जायज हैं और उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने विचार के लिए रखा जाएगा।

वहीं, झामुमो की छात्र शाखा झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) ने भी सरकार को अपनी पांच प्रमुख मांगें सौंपी हैं। इनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग प्रमुख है।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

वार्ता के बाद रिफॉर्म मंच के एक प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर कायम हैं। प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत सभी मांगों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किए जाने तक रांची में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

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