उत्तरकाशी में देर रात कांपी धरती, 4.2 तीव्रता के भूकंप से हिली जमीन

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उत्तरकाशी में देर रात भूकंप के तेज झटके, 4.2 रही तीव्रता; नींद से जागे लोग

उत्तरकाशी में रविवार देर रात भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात के तीसरे पहर जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धरती हिलने लगी। झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए।

आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे, उत्तरकाशी से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बताया गया है। केंद्र तहसील बड़कोट के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास रहा।

गंगा और यमुना घाटी में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई लोगों की नींद खुल गई। उत्तरकाशी की गंगा और यमुना दोनों घाटियों में भूकंप महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तरकाशी

उत्तरकाशी जिला भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं।

20 अक्टूबर 1991 की मध्यरात्रि में उत्तरकाशी में करीब 6.6 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इस भूकंप में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था।

1991 की उस त्रासदी के बाद उत्तरकाशी में जब भी भूकंप के झटके महसूस होते हैं, लोगों के बीच उस विनाशकारी घटना की यादें ताजा हो जाती हैं। रविवार देर रात आए भूकंप के बाद भी कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल देखा गया।

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