गीता गोपीनाथ ने IMF से दिया इस्तीफा, जल्द लौटेंगी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब दोबारा अमेरिका स्थित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लौटेंगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वहां उनकी भूमिका क्या होगी। IMF ने बताया है कि उपयुक्त समय पर उनके उत्तराधिकारी की घोषणा की जाएगी।
गीता गोपीनाथ IMF की पहली महिला उप प्रबंध निदेशक थीं और इससे पहले वह संगठन की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुकी हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया है।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था, हालांकि उनका परिवार केरल के कन्नूर से है। उनकी स्कूली शिक्षा मैसूर के निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स में स्नातक (BA ऑनर्स) किया और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर्स (MA) की डिग्री प्राप्त की।
गीता ने अमेरिका जाकर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से 1996 से 2001 के बीच पीएचडी की। इसके बाद वे अकादमिक क्षेत्र में सक्रिय रहीं और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी रहीं।
कोविड संकट में निभाई निर्णायक भूमिका
कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभालने में गीता गोपीनाथ की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने वैश्विक वैक्सीनेशन योजना पर जोर दिया और वैक्सीन उत्पादन व वितरण को लेकर जो रणनीति सुझाई, उसी के आधार पर IMF, विश्व बैंक, WTO और WHO ने संयुक्त रूप से मल्टीलेटरल टास्क फोर्स का गठन किया। इस पहल से वैक्सीन की उपलब्धता और वितरण में बड़ा सुधार हुआ।
आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गीता गोपीनाथ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “गीता की विशेषज्ञता, नेतृत्व और दूरदृष्टि ने IMF और वैश्विक अर्थव्यवस्था को कठिन समय में स्थिरता दी।”
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