बिहार को AI हब बनाने की तैयारी, सम्राट कैबिनेट ने दी नई नीति को मंजूरी

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बिहार AI हब बनने की राह पर, कैबिनेट ने 46 प्रस्तावों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 46 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का है। इसके तहत राज्य सरकार जल्द ही Google Cloud India, Microsoft India, Sarvam और CoRover जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि इन साझेदारियों का उद्देश्य बिहार में AI आधारित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करना, सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना तथा आम नागरिकों तक आधुनिक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करना है। AI के उपयोग से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात प्रबंधन, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और जनसेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों में AI से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी देगी। स्थानीय भाषाओं और बोलियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए शोधकर्ताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार

कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना, बिहार-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद योजना के क्रियान्वयन, निगरानी और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देगी।

जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 34 नए छात्रावास

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 101.67 करोड़ रुपये की लागत से 34 आवासीय छात्रावासों के निर्माण और संचालन को मंजूरी दी है। इनमें 19 छात्रावास धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत और 15 छात्रावास प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत बनाए जाएंगे।

इन छात्रावासों का निर्माण पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास, पूर्णिया, किशनगंज और मधेपुरा समेत 14 जिलों में होगा। इनमें जनजातीय और अत्यंत कमजोर जनजातीय समुदायों के 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आवास, भोजन और शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

शहरी विकास को मिलेगा नया नेतृत्व

बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली, 2014 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रमंडलीय आयुक्त आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के पदेन अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी पदेन उपाध्यक्ष होंगे। सरकार का मानना है कि इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

डेहरी बनेगा राज्य का 12वां सैटेलाइट टाउनशिप

कैबिनेट ने रोहतास जिले के डेहरी को ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में सुनियोजित शहरी विकास को गति देना और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है।

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