बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
अभिनेत्री ने दिल्ली की एक अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की सूची के अनुसार, मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जायमाल्या बागची की पीठ कर सकती है। इससे पहले 11 जून को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने व्यक्तिगत कारणों से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडीज और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। अदालत ने इस मामले में विभिन्न आरोपों के तहत मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।
जैकलीन फर्नांडीज का नाम प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल पूरक आरोपपत्र में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि अभिनेत्री को सुकेश चंद्रशेखर की ओर से महंगे उपहार और आर्थिक लाभ मिले थे। ईडी का यह भी दावा है कि जैकलीन और सुकेश के बीच लगातार संपर्क था तथा उनके बीच संबंधों में पिंकी ईरानी की अहम भूमिका रही थी।
हालांकि अभिनेत्री लगातार इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। उनका कहना है कि वह स्वयं इस मामले में ठगी की शिकार हैं और उन्हें सुकेश की कथित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।
अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे यह तय होगा कि जैकलीन के खिलाफ निचली अदालत में मुकदमे की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
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