उत्तर भारत में बारिश-बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, कई राज्यों में अलर्ट।
उत्तर भारत में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हिमाचल से लेकर दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात और जम्मू-कश्मीर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
हिमाचल प्रदेश
सिरमौर जिले में भूस्खलन के कारण पहाड़ी का करीब 200 मीटर हिस्सा कटकर बह गया। नोराधार के चोक्कर गांव में पांच घर खतरे में आ गए, लेकिन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मौसम विभाग ने राज्यभर में अगले छह दिन तक मध्यम बारिश और उना-बिलासपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड
उत्तरकाशी जिले के नौगांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। मलबे में एक घर दब गया और कई घरों में पानी भर गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। चमोली जिले के गोपेश्वर के पास भूस्खलन से सड़क धंस गई और कई मकानों में दरारें पड़ गईं।
राजस्थान
जयपुर में लगातार बारिश से एक मकान ढह गया, जिसमें एक युवक और उसकी पांच साल की बेटी की मौत हो गई।
दिल्ली
यमुना नदी का जलस्तर शनिवार रात 205.98 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को अस्थायी टेंट में शिफ्ट किया गया है।
गुजरात
आईएमडी ने राज्य में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 7 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर
लगातार बारिश से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पांचवें दिन भी बंद रहा। उधमपुर जिले में भूस्खलन से सड़क का बड़ा हिस्सा दब गया है, जिसकी मरम्मत युद्धस्तर पर चल रही है।
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