विदाई से पहले मानसून का फिर पलटवार, MP-राजस्थान-गुजरात समेत उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

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मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो गया है।

मानसूनी हवाओं ने पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं को पीछे धकेल दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत के बड़े हिस्से में दिखाई दे रहा है। इन परिस्थितियों के चलते मानसून की वापसी के लिए जरूरी अनुकूल स्थितियां अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में 20 सितंबर के आसपास एक नया मौसमी सिस्टम बनने की संभावना है। इसके सक्रिय होने पर मानसूनी गतिविधियां और आगे बढ़ सकती हैं। ऐसे में इस साल मानसून की वापसी 17 सितंबर के बाद भी खिसकने की संभावना जताई जा रही है। पिछले साल मानसून की वापसी सामान्य तारीख से करीब तीन दिन पहले शुरू हो गई थी।

देश में बारिश की कमी करीब 15 प्रतिशत

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम रही है। हालांकि कुछ राज्यों में बारिश की कमी 40 से 45 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में सितंबर के दौरान होने वाली बारिश खेती और जलस्रोतों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पिछले साल पश्चिमी राजस्थान से 14 सितंबर को मानसून की वापसी शुरू हो गई थी, लेकिन इस बार अभी तक वापसी के लिए जरूरी संकेत नहीं मिले हैं। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए अगले करीब दस दिनों में मानसून की वापसी की संभावना कम मानी जा रही है।

उत्तर भारत में अगले कुछ दिन अहम

आईएमडी के मुताबिक उत्तर भारत में आने वाले कुछ दिन मानसून की सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार तक तराई तथा आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि बारिश का असर पूरे क्षेत्र में एक जैसा नहीं रहेगा और कई स्थानों पर यह रुक-रुककर या खंडित रूप में हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश की संभावना

दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना नहीं है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों और मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने पर कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है।

वहीं, पंजाब और हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि अगले सप्ताह हवाओं की दिशा और वातावरण में नमी की स्थिति से उत्तर भारत में मानसून के ठहराव या वापसी की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

MP, राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश के आसार

पश्चिमी और मध्य भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय हैं। मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के अलावा राजस्थान और पूर्वी गुजरात में कई जगह भारी बारिश होने की संभावना है।

गुजरात में करीब तीन सप्ताह तक चले सूखे के बाद एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हुआ है। हालांकि सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश की कमी अभी भी चिंता का कारण बनी हुई है।

सिर्फ बारिश रुकना मानसून की वापसी का संकेत नहीं

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी का ऐलान केवल बारिश में कमी आने के आधार पर नहीं किया जाता। किसी क्षेत्र से मानसून की वापसी के लिए लगातार वर्षा गतिविधियों में कमी के साथ-साथ निचले वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और वातावरण में नमी में पर्याप्त कमी जैसे कई संकेत जरूरी होते हैं।

फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश और नमी का प्रभाव बना हुआ है। यही वजह है कि मानसून की विदाई में अभी और देरी होने के संकेत मिल रहे हैं।

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