‘नए प्रतिबंधों से ट्रंप की शांति कोशिशों को लगेगा झटका’, रूस ने अमेरिका को चेताया

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यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले अमेरिका के नए प्रतिबंध कानून पर मॉस्को ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

क्रेमलिन ने चेताया है कि अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंध यूक्रेन में शांति समझौते की कोशिशों को और मुश्किल बना सकते हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस पर दबाव बढ़ाने वाले प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी दी थी। इसके बाद 18 सितंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। कानून रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों के साथ-साथ मौजूदा प्रतिबंधों से बचने वाले उसके तेल टैंकरों के बेड़े को भी निशाना बनाता है।

रूस के तेल खरीदने वाले देशों पर भी टैरिफ का प्रावधान

नए कानून में अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल या गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, यह टैरिफ स्वतः लागू नहीं होता बल्कि राष्ट्रपति को इसके इस्तेमाल का अधिकार देता है।

कानून रूस से सीधे अमेरिका आने वाले सामान पर भी 500 प्रतिशत तक टैरिफ की गुंजाइश रखता है। इसका उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर दबाव बढ़ाना और प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली गतिविधियों को सीमित करना है।

पेस्कोव ने कहा- शांति प्रयास होंगे और मुश्किल

कानून को लेकर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका का यह कदम ‘अमित्रतापूर्ण’ कार्रवाई की श्रेणी में आता है। उनके मुताबिक, रूस पर कोई भी अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंध यूक्रेन में शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की कोशिशों को जटिल बनाएगा।

पेस्कोव की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता लंबे समय से ठहरी हुई है और ट्रंप प्रशासन की ओर से बातचीत को दोबारा शुरू कराने की कोशिशें जारी हैं। हाल में ट्रंप ने अपने दूतों को मॉस्को और कीव भेजा था।

भारत पर भी पड़ सकता है असर

नए कानून में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित टैरिफ का प्रावधान होने के कारण भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है। भारत ने अमेरिका को चेताया है कि ऐसे टैरिफ द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।

रूस की ओर से भी इस कानून की आलोचना की गई है। मॉस्को का कहना है कि आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले ऐसे कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को आसान बनाने के बजाय उसे और जटिल कर सकते हैं।

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