अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति से तेल बाजार को राहत, ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर के करीब

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अमेरिका-ईरान वार्ता से तेल बाजार को राहत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में दबाव कम होता दिखाई दे रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। बाजार को उम्मीद है कि यदि वार्ता आगे बढ़ती है तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।

ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 74 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। इससे पहले दोनों बेंचमार्क में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी।

बाजार में नरमी की एक बड़ी वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर लागू कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दिए जाने को माना जा रहा है। इससे ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सीमित बिक्री तथा परिवहन के लिए रास्ता खुल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है।

हालांकि दोनों देशों ने शुरुआती बातचीत को सकारात्मक बताया है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय निगरानी जैसे विषयों पर सहमति बनना अभी बाकी है। इसलिए निवेशक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस बीच ऊर्जा बाजार की निगाहें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर भी टिकी हुई हैं। हालिया तनाव के दौरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब क्षेत्र में शिपिंग गतिविधियों के धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे बाजार का भरोसा मजबूत हुआ है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अगली दौर की बातचीत तेल बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि वार्ता में ठोस प्रगति होती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और कम हो सकती हैं, जबकि किसी भी तरह की रुकावट कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।

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