पायलट की चूक या तकनीकी खामी? फ्यूल स्विच विवाद पर AAIB रिपोर्ट से मिले अहम संकेत

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AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में अहम खुलासे: अहमदाबाद में ड्रीमलाइनर क्रैश की वजह क्या थी?

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट VT-ANB के हादसे पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि उड़ान भरने के चंद सेकंड बाद दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिससे विमान थ्रस्ट खो बैठा और अधिक ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया। नतीजतन, वह मेघानी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 260 यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत 279 लोग मारे गए।

तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय भूल?
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के लगभग 32 सेकंड बाद विमान की चढ़ाई रुक गई। इस दौरान, दोनों इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकंड के भीतर ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में चले गए, जिससे ईंधन प्रवाह बंद हो गया और इंजन बंद हो गए।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में पायलटों की बातचीत से संकेत मिलता है कि फ्यूल स्विच को लेकर भ्रम की स्थिति थी। एक पायलट पूछता है, “तुमने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?” जिस पर जवाब आता है, “मैंने नहीं किया।” इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि गलती किसकी थी, लेकिन यह ज़रूर दर्शाता है कि कॉकपिट में निर्णय लेने को लेकर भ्रम था।

पायलटों का अनुभव सवालों से परे
56 वर्षीय कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास 15,600 घंटे का उड़ान अनुभव था, जिनमें से 8,500 घंटे बोइंग 787 पर थे। 32 वर्षीय फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के पास 3,400 घंटे का अनुभव था। दोनों पायलट उड़ान के लिए मेडिकल और तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट पाए गए थे।

संभावित कारण: जांच के 4 प्रमुख एंगल
1. मानवीय भूल
विशेषज्ञों के मुताबिक, टेकऑफ जैसे उच्च दबाव वाले चरण में पायलट द्वारा गलती से फ्यूल स्विच को कटऑफ पर ले जाना संभव है। संभव है कि किसी तकनीकी गड़बड़ी के जवाब में पायलटों ने गलत स्विच को ऑपरेट कर दिया हो।

2. तकनीकी या इलेक्ट्रॉनिक खराबी
2018 के FAA बुलेटिन में बोइंग 787 के फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म की संभावित विफलता की बात कही गई थी। हालांकि यह चेतावनी अनिवार्य नहीं थी और एयर इंडिया ने इसे लागू नहीं किया। रिपोर्ट यह संभावना भी खारिज नहीं करती कि किसी सॉफ्टवेयर या फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम की गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ हो।

3. जानबूझकर किया गया कृत्य
ऐतिहासिक मामलों जैसे जर्मनविंग्स (2015) और इजिप्ट एयर (1999) में पायलटों ने आत्मघाती इरादे से विमान दुर्घटनाग्रस्त किया था। हालांकि इस मामले में दोनों पायलटों की मानसिक स्थिति, प्रोफेशनल रिकॉर्ड और सेवानिवृत्ति या भविष्य की योजनाएं किसी असामान्य व्यवहार की पुष्टि नहीं करतीं।

4. ग्राउंड स्टाफ द्वारा संभावित छेड़छाड़
रिपोर्ट में यह एंगल भी जांच में है कि कहीं ग्राउंड पर किसी ने ईंधन आपूर्ति प्रणाली से छेड़छाड़ तो नहीं की। हालांकि कॉकपिट स्विच उड़ान के दौरान बदले गए, और कोई ठोस सबूत इस दिशा में नहीं मिले हैं।

टेक्निकल सिस्टम्स की स्थिति
RAM Air Turbine को सक्रिय किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विमान का मुख्य पावर स्रोत फेल हो चुका था।

लैंडिंग गियर पूरी तरह वापस नहीं आ सका था, और फ्लैप/स्लैट्स टेकऑफ की स्थिति में ही फंसे रहे।

एक इंजन को रीस्टार्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन थ्रस्ट अपर्याप्त था।

AAIB की यह रिपोर्ट प्राथमिक है और इसमें किसी एक कारण को निर्णायक रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है। हालांकि, सबसे अधिक संभावना यह जताई गई है कि किसी कारणवश दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘कटऑफ’ मोड में चले गए, जिससे इंजन फेल हो गए। रिपोर्ट बताती है कि फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म को सक्रिय करने के लिए दो चरणों की प्रक्रिया जरूरी होती है, इसलिए यह बदलाव स्वतः नहीं हो सकता।

अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार
AAIB की अंतिम रिपोर्ट 12 जून 2026 तक आने की उम्मीद है, जिसमें डेटा एनालिसिस, सिस्टम सिमुलेशन, और संभावित चूक या दोष का विस्तृत मूल्यांकन शामिल होगा।

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