राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों की आय से अधिक संपत्तियां होंगी अटैच, अविनाश शुक्ल से 4 घंटे पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठों आरोपितों के खिलाफ जांच अब वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों तक पहुंच गई है।
पुलिस उन संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है, जो आरोपितों की ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक होने का संदेह है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि ऐसी संपत्तियां अवैध आय से अर्जित पाई जाती हैं, तो उन्हें कानून के तहत अटैच (कुर्क) करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले में कुछ और लोगों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी की भी तैयारी है।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के निवेश, जमीनों की खरीद, फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक दस्तावेज, आभूषण और नकदी से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले हैं। अब विभिन्न बैंकों से खातों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने 13 जुलाई तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंडल कारागार पहुंचकर आरोपी अविनाश शुक्ल से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में उससे विभिन्न मदों में खर्च किए गए धन, उसकी आय के स्रोत और पांच जून को उसके घर हुई बरामदगी से जुड़े सवाल पूछे गए।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए चिन्हित किया है। इनमें राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। मंगलवार को पुलिस की एक टीम कारसेवकपुरम पहुंची और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से आरोपित कर्मचारियों की नियुक्ति, सत्यापन और जिम्मेदारियों से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ल ने पूछताछ के दौरान अन्य आरोपितों की संपत्तियों और निवेश से जुड़ी कुछ जानकारियां भी साझा की हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस आगे आरोपितों की रिमांड मांग सकती है। जांच में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव से जुड़े जमीन खरीद, एफडी, बैंक कार्ड और महंगी वस्तुओं की खरीद के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इसी सिलसिले में मंगलवार को रुदौली तहसील के निबंधन कार्यालय में भी पुलिस ने लवकुश मिश्र के नाम दर्ज संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला। अधिकारियों ने कई घंटे तक रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेजों की जांच कर संपत्ति के स्रोत और खरीद प्रक्रिया की जानकारी जुटाई।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई आरोपित साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों में निवेश किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन सभी संपत्तियों की वैधता और आय के स्रोतों का सत्यापन अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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