नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही का मंजर लगातार सामने आ रहा है।
अस्पतालों के बाहर घायलों और लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए परिजन कतारों में खड़े हैं। दीवारों पर चस्पा की गई मृतकों की तस्वीरों में लोग अपनों को तलाश रहे हैं। दूसरी ओर, कई परिवार कीचड़ और मलबे के बीच अपने घरों से बचा सामान खोजने को मजबूर हैं।
24 घंटे जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए बचावकर्मी दिन-रात अभियान चला रहे हैं। कहीं लगातार बारिश के बीच रेस्क्यू किया जा रहा है तो कहीं सूख चुके भारी कीचड़ और मलबे को मशीनों से हटाया जा रहा है। मुश्किल हालात के बावजूद टीमें लगातार संभावित स्थानों पर तलाश में जुटी हैं।
समय बीतने के साथ लापता लोगों के परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। हर गुजरते दिन के साथ उनके लिए अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कमजोर होती जा रही है, जबकि राहतकर्मियों को मलबे और कीचड़ के बीच तलाशी अभियान में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरंग में फंसे लोगों की तलाश
रात के समय नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने अपर त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना स्थल पर चल रहे राहत कार्य का जायजा लिया। यहां बाढ़ के बाद एक सुरंग में 100 से अधिक लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। मशीनों की मदद से मिट्टी और मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
अस्पतालों के बाहर अपनों की तलाश
अस्पतालों के बाहर परिजन घायलों और भर्ती लोगों की सूची खंगाल रहे हैं। लोग नाम और तस्वीरें ध्यान से देखकर इस उम्मीद में पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं कि शायद उनका कोई अपना सुरक्षित मिल जाए।
जब जीवित लोगों की सूची में किसी परिचित का नाम नहीं मिलता, तो परिजन मृतकों की तस्वीरों वाली सूची की ओर बढ़ते हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें आपदा की भयावहता को बयां कर रही हैं।
मलबे में तब्दील हुए गांव
नुवाकोट जिले के देवीघाट गांव में बाढ़ के बाद लोग गहरे कीचड़ और मलबे में उतरकर अपने घरों का सामान तलाश रहे हैं। जगह-जगह क्षतिग्रस्त इमारतें, उखड़े बिजली के खंभे और कीचड़ में दबी गाड़ियां नजर आ रही हैं।
कहीं बिखरी फसल के बीच लोग अपना बचा सामान समेट रहे हैं, तो कहीं महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर तबाह हो चुके इलाकों से गुजर रही हैं। मलबे के बीच एक मृत कुत्ता भी पड़ा दिखाई दे रहा है। एक व्यक्ति गैस सिलिंडर लेकर मलबे से बाहर निकलता नजर आया—बताया जा रहा है कि यही वह सामान है जिसे वह तबाही के बीच बचा सका।
Comments are closed.