कोटा में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर के पांच युवक हिरासत में

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राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है।

पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बीते चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के पांच युवकों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई जैसलमेर में हाल ही में एक पाकिस्तानी जासूस के पकड़े जाने के बाद की गई है, जिसके चलते एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

जानकारी के अनुसार, भीमगंज मंडी थाना क्षेत्र में शनिवार (31 जनवरी) सुबह करीब आठ बजे होटल चेकिंग के दौरान तीन कश्मीरी युवकों को हिरासत में लिया गया। इससे पहले मकबरा थाना क्षेत्र से दो अन्य युवकों को डिटेन किया गया था। सभी पांचों युवक जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

भीमगंज मंडी थाना प्रभारी रामकिशन गोदारा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने दावा किया कि वे बारामूला में एक मदरसे के निर्माण के लिए कोटा की मुस्लिम बस्तियों से चंदा जुटाने आए थे। हालांकि, उनकी गतिविधियों और ठहरने की परिस्थितियों को संदिग्ध मानते हुए पुलिस, आर्मी इंटेलिजेंस, सीआईडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि युवकों के कोटा आने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि की जा रही है। यह जांच का विषय है कि मामला केवल चंदा संग्रह तक सीमित है या इसके पीछे कोई अन्य मकसद छिपा हुआ है। एहतियात के तौर पर शहर के होटलों और संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब राजस्थान में हाल के दिनों में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क के खुलासे हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां राज्यभर में, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों और बड़े शहरी केंद्रों में, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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