पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
मैदानी इलाकों में जहां बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है, वहीं हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यूपी और दिल्ली में रात से ही बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, आंधी, बर्फबारी और कोहरे की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का असर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है, जो अगले एक-दो दिनों तक जारी रह सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है। अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 से 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। येलो अलर्ट के चलते ट्रैफिक और उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ी ठंड, बारिश जारी
उत्तर प्रदेश में रात से ही कई इलाकों में बारिश हो रही है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गरज के साथ बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रह सकता है। तापमान में गिरावट से शीतलहर का असर तेज होगा।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश के मनाली, शिमला सहित कई इलाकों और कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी हुई है। इसके चलते सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा-पंजाब में शीतलहर और कोहरा
हरियाणा और पंजाब में शीतलहर के साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है।
फरवरी में तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार
भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि फरवरी महीने में देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और बारिश कम रह सकती है, खासकर हिमालयी क्षेत्रों में। जनवरी में देशभर में सामान्य से 31.5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि औसत तापमान सामान्य से ज्यादा रहा।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि फरवरी में न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। इससे गेहूं और जौ जैसी फसलों के समय से पहले पकने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दाने हल्के रह सकते हैं और पैदावार प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिमी भारत — जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं — में फरवरी के दौरान मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। दिसंबर और जनवरी में पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों का मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहा।
महापात्रा के अनुसार, पश्चिमी हिमालय में समय के साथ वर्षा में कमी का रुझान देखा जा रहा है, जिसे आईएमडी और अन्य संस्थानों के अध्ययन जलवायु परिवर्तन से जोड़ते हैं।
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