पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की पोती तातियाना श्लॉसबर्ग का निधन, 35 वर्ष की उम्र में कैंसर से निधन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की पोती और जानी-मानी पर्यावरण पत्रकार तातियाना श्लॉसबर्ग का मंगलवार सुबह कैंसर से निधन हो गया।
वह 35 वर्ष की थीं। उनके निधन की पुष्टि परिवार ने जॉन एफ कैनेडी लाइब्रेरी फाउंडेशन के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए की। परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हमारी खूबसूरत तातियाना आज सुबह हमसे बिछड़ गईं। वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।” तातियाना के निधन से अमेरिका समेत दुनिया भर में शोक की लहर है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
यह भावुक पोस्ट उनके पति जॉर्ज मोरन, बच्चों, माता-पिता कैरोलिन कैनेडी और एडविन श्लॉसबर्ग, भाई-बहन जैक और रोज सहित पूरे परिवार की ओर से साझा की गई। तातियाना दो छोटे बच्चों की मां थीं। उनकी बेटी का जन्म मई 2024 में हुआ था, उसी समय उनकी गंभीर बीमारी का पता चला था।
कैनेडी परिवार पहले भी कई निजी त्रासदियों का सामना कर चुका है और तातियाना का निधन परिवार के लिए एक और गहरा आघात माना जा रहा है।
किस बीमारी से जूझ रही थीं तातियाना
तातियाना को एक्यूट मायलॉइड ल्यूकीमिया (AML) नाम के दुर्लभ और आक्रामक ब्लड कैंसर का पता चला था। डॉक्टरों ने बच्चे के जन्म के बाद उनकी जांच में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से अधिक पाई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, उनमें इनवर्ज़न-3 नाम का एक दुर्लभ जेनेटिक म्यूटेशन था, जिससे बीमारी और गंभीर हो गई।
उन्होंने कीमोथेरेपी के कई दौर, दो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट और क्लिनिकल ट्रायल्स भी कराए, लेकिन कैंसर दोबारा लौट आया।
बीमारी पर लिखा था भावुक निबंध
नवंबर 2024 में तातियाना ने द न्यू यॉर्कर में एक मार्मिक निबंध लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी बीमारी, इलाज और मातृत्व के डर को खुलकर बयान किया था। उन्होंने लिखा था कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की थी कि उनके बच्चे उन्हें याद रख पाएंगे या नहीं।
एक प्रभावशाली पत्रकार की पहचान
तातियाना श्लॉसबर्ग एक प्रतिष्ठित पत्रकार थीं। उन्होंने न्यू यॉर्क टाइम्स में साइंस और क्लाइमेट रिपोर्टर के तौर पर काम किया और द अटलांटिक व वैनिटी फेयर जैसे प्रमुख प्रकाशनों के लिए भी लिखा।
साल 2019 में उनकी किताब “Inconspicuous Consumption: The Environmental Impact You Don’t Know You Have” प्रकाशित हुई, जिसे काफी सराहना और पुरस्कार मिले। वह मानती थीं कि पर्यावरण संरक्षण केवल वन्यजीवों के लिए नहीं, बल्कि इंसानी जीवन के लिए भी जरूरी है।
आरएफके जूनियर पर जताई थी नाराजगी
अपने निबंध में तातियाना ने अपने चचेरे भाई रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर की नीतियों की आलोचना भी की थी। उन्होंने वैक्सीन, मेडिकल रिसर्च और पब्लिक हेल्थ से जुड़े फैसलों पर चिंता जताते हुए लिखा था कि इनका सीधा असर मरीजों की ज़िंदगी पर पड़ता है।
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