अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
दोनों देशों के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका ने दूसरी बार ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों का वीडियो अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर भी जारी किया है।
सेंटकॉम के मुताबिक, ईरान ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर ड्रोन हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने रविवार रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास स्थित ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई ईरानी हमले के जवाब में की गई।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाया युद्धविराम तोड़ने का आरोप
अमेरिका का कहना है कि ईरान ने टैंकर पर हमला कर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया, जबकि ईरान भी अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के चलते क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है।
सेंटकॉम के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4:30 बजे ईरान ने ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकू को निशाना बनाया। यह टैंकर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था। अमेरिकी सेना का कहना है कि इसी घटना के बाद जवाबी सैन्य कार्रवाई की गई।
“ईरान को युद्धविराम का सम्मान करने का मौका दिया गया”
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा कि टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका ने पहले भी जवाबी कार्रवाई की थी। ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने दोबारा सैन्य कार्रवाई की।
अमेरिकी सेना के अनुसार, जवाबी हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क, वायु रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने से जुड़ी क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उसकी सेना पूरी तरह सतर्क है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
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