दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली को लेकर सुरक्षा कड़ी, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा; 4 हजार पुलिसकर्मी और 200 CCTV कैमरों से निगरानी
कांग्रेस की रैली से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रामलीला मैदान 14 जोन में बंटा; 4 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी की है। इंडी गठबंधन की ओर से रैली में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है, जबकि दिल्ली पुलिस के खुफिया इनपुट के मुताबिक लगभग 70 हजार लोगों के जुटने की संभावना है।
सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार दोपहर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश चंद्र श्रीवास्तव रामलीला मैदान पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए।
प्रवेश और निकास द्वारों पर रहेगी विशेष निगरानी
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा है। इसके अलावा मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ के दबाव के कारण अव्यवस्था या किसी अप्रिय घटना की स्थिति पैदा न हो।
14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए पूरे मैदान को 14 जोन में विभाजित किया गया है। यहां करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। मैदान में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर के जरिए लोगों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करेंगे। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एसीपी स्तर के अधिकारी को दी गई है, जबकि दो-दो जोन की निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे।
200 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी
रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा पर नजर रखने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिसकर्मी बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल करेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहन और आधुनिक निगरानी उपकरणों से लैस गाड़ियां भी तैनात रहेंगी।
आयोजकों को भी सौंपी गई सुरक्षा की जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस ने रैली आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय सहयोग करने को कहा है। उन्हें संवेदनशील स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने और फुटेज की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा रैली में आने वाले आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और उन्हें लाने वाली बसों की पूरी जानकारी मांगी गई है। पार्किंग व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय करने को भी कहा गया है। आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी को भी रात में मैदान में रुकने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही रैली के दौरान अनुशासन बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित करने वाले भाषणों से बचने की हिदायत दी गई है।
16 नवंबर तक दिल्ली में रहेंगी CAPF की 270 कंपनियां
रैली के अलावा विभिन्न संगठनों की ओर से संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। यह तीसरी बार है जब इनकी तैनाती की अवधि बढ़ाई गई है।
इस महीने की शुरुआत में सीजेपी के प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्रीय बलों को दिल्ली बुलाया गया था। इनकी तैनाती और व्यवस्था के समन्वय की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है।
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