1 नवंबर से बदल गए GST, पेंशन और बिल पेमेंट समेत 7 बड़े नियम, कहीं बढ़ा खर्च तो कहीं मिली राहत; जानें पूरी डिटेल
नवंबर में लागू हुए नए नियमों से लेकर दवाओं की कीमतों तक कई बदलाव, जानें किस पर पड़ेगा असर
नवंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों, कारोबारियों और निवेशकों से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने से लेकर कॉल करने वाले का नाम दिखाने और पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र जमा करने तक कई व्यवस्थाएं बदली हैं। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला किया है। म्यूचुअल फंड निवेश में भी डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प बनाया गया है। इसके अलावा नवंबर में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से समय से पहले पैसा निकालने और कैंसर की दवाओं की कीमतों में कटौती का भी मौका मिलेगा।
को-वर्किंग स्पेस के पते पर भी मिलेगा जीएसटी रजिस्ट्रेशन
जीएसटी काउंसिल की ओर से घोषित बदलावों के तहत अब कारोबारी को-वर्किंग स्पेस के पते का इस्तेमाल कर जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित को-वर्किंग स्पेस की सदस्यता का प्रमाण अपलोड करना होगा, जिसमें पूरा पता स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
आधार आधारित सत्यापन के जरिए पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के पते की सामान्य तौर पर भौतिक जांच नहीं की जाएगी। हालांकि, धोखाधड़ी या किसी गंभीर गड़बड़ी का संदेह होने पर अधिकारी जांच कर सकते हैं। पते के प्रमाण के तौर पर बिजली बिल और हाउस टैक्स जैसे दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इसके साथ ही अपील शुल्क, नोटिस में कारणों की स्पष्ट जानकारी और रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
अब फोन पर दिखाई देगा कॉल करने वाले का नाम
दूरसंचार क्षेत्र में कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा शुरू होने से मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसके लिए उस नंबर का फोन में सेव होना जरूरी नहीं होगा। नाम सिम कनेक्शन लेते समय दिए गए केवाईसी रिकॉर्ड के आधार पर दिखाया जाएगा।
इस सुविधा का उद्देश्य फर्जी और अनचाही कॉल की पहचान आसान बनाना है। शुरुआत में यह सेवा 4जी और 5जी नेटवर्क वाले फोन पर उपलब्ध होगी। आगे चलकर इसे 2जी और 3जी उपयोगकर्ताओं तक भी पहुंचाया जा सकता है।
पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू
80 वर्ष से कम उम्र के सरकारी पेंशनभोगियों को अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र 1 से 30 नवंबर के बीच जमा करना होगा। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है।
पेंशनभोगी अपने बैंक की संबंधित शाखा में जाकर प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ‘जीवन प्रमाण’ सुविधा के माध्यम से आधार आधारित सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी जमा किया जा सकता है। समय पर प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है, ताकि पेंशन मिलने में किसी तरह की बाधा न आए।
पीएनबी क्रेडिट कार्ड से बड़े यूटिलिटी भुगतान पर लगेगा शुल्क
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने क्रेडिट कार्ड के जरिए यूटिलिटी बिल भुगतान के नियमों में बदलाव किया है। अब एक बिलिंग साइकिल में 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। हालांकि, यह शुल्क प्रति लेनदेन अधिकतम 2,000 रुपये तक सीमित रहेगा।
बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट जैसे भुगतान यूटिलिटी बिल की श्रेणी में आते हैं। पहले पीएनबी क्रेडिट कार्ड से इन बिलों का भुगतान करने पर यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता था। नए नियम से अधिक राशि के बिल क्रेडिट कार्ड से चुकाने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ सकता है।
म्यूचुअल फंड निवेश में डायरेक्ट प्लान होगा डिफॉल्ट विकल्प
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी अहम बदलाव किया गया है। अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प के तौर पर उपलब्ध होगा।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के मुताबिक, यदि कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनना चाहता है, तो उससे पहले उसे इस प्लान के अधिक एक्सपेंस रेश्यो यानी खर्च अनुपात की जानकारी दी जाएगी। इसका मकसद निवेशकों को डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के बीच लागत का अंतर समझने में मदद करना है, ताकि वे सोच-समझकर निवेश का विकल्प चुन सकें।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में समय से पहले निकासी का अवसर
नवंबर में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की चार सीरीज के निवेशकों को तय अवधि पूरी होने से पहले पैसा निकालने का मौका मिलेगा। उपलब्ध तारीखों के मुताबिक, 2020-21 सीरीज-7 के लिए 2 नवंबर, सीरीज-8 के लिए 18 नवंबर और 2020-21 सीरीज-2 के लिए 19 नवंबर की तारीख निर्धारित है। वहीं, 2021-22 सीरीज-1 के निवेशक 25 नवंबर को समय से पहले रिडेम्पशन करा सकेंगे।
इस सुविधा के तहत पात्र निवेशक निर्धारित तारीख पर अपने बॉन्ड को भुनाकर निवेश की रकम प्राप्त कर सकते हैं।
9 नवंबर से सस्ती हो सकती हैं 137 कैंसररोधी दवाएं
कैंसर मरीजों के लिए नवंबर में राहत की खबर भी है। सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय किया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के इस फैसले का उद्देश्य इन दवाओं की खुदरा कीमतों को कम करना है।
मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर कुछ दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद जताई गई है। नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी। मरीज और उनके परिजन एनपीपीए की वेबसाइट या ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के जरिए संशोधित कीमतों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
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