सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
जिला प्रशासन ने मंगलवार सुबह 8:20 बजे तक की स्थिति के आधार पर इसकी पुष्टि की। हादसे के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
प्रशासन के अनुसार, अब तक बरामद किए गए शवों को पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति तथा परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा पाक्योंग और सिलीगुड़ी से पहुंची एनडीआरएफ की टीमें सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने बचाव अभियान में जुटे अधिकारियों और कर्मियों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए सभी संबंधित विभागों को हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने, अभियान में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
इस बीच, नामची की जिला कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार करीब 27 मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। हालांकि, सुरंग के भीतर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सटीक संख्या की पुष्टि अभी नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीम सुरंग के भीतर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है और उसके लौटने के बाद ही अंदर फंसे श्रमिकों की संख्या और उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर सामरदुंग (झोलुंगे) क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर कथित गैस रिसाव की घटना हुई, जिसके बाद वहां काम कर रहे कई श्रमिक अंदर फंस गए। घटना के बाद से राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
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