बंगाल से यूपी तक आज से शुरू होगा मतदाता सूची सत्यापन अभियान, घर-घर पहुंचेंगे BLO — ये दस्तावेज रखें तैयार

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उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आज से मतदाता सूची समीक्षा (SIR) अभियान की शुरुआत हो रही है।

इस अभियान के तहत करीब 51 करोड़ मतदाताओं की जानकारी घर-घर जाकर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा एकत्र की जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसके दौरान मतदाताओं से जरूरी दस्तावेज और विवरण लिए जाएंगे ताकि मतदाता सूची को अपडेट किया जा सके।

बंगाल और तमिलनाडु में विरोध तेज
SIR प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे विपक्ष शासित राज्यों में विरोध बढ़ता जा रहा है। बंगाल में टीएमसी ने इस अभियान को “राजनीतिक मकसद से प्रेरित” बताते हुए सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 नवंबर को कोलकाता में एक विरोध मार्च की अगुवाई करेंगी। वहीं, डीएमके नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया का मकसद “विपक्षी वोटरों को सूची से हटाना” है।

BLO की सुरक्षा को लेकर चिंता
बंगाल में घर-घर सर्वे के दौरान BLO की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बूथ लेवल अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव या डर के सत्यापन कार्य पूरा कर सकें।

चुनाव आयोग की टीम करेगी निगरानी
चुनाव आयोग की एक टीम 5 से 8 नवंबर के बीच बंगाल के अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जिलों का दौरा कर सकती है। इस दौरान टीम यह समीक्षा करेगी कि SIR प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो रही है।

यूपी में 15 करोड़ वोटरों का सत्यापन
उत्तर प्रदेश में BLO अधिकारी 4 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच करीब 15.44 करोड़ मतदाताओं के पते पर जाकर दो प्रतियों में गणना फॉर्म भरवाएंगे। इनमें से एक फॉर्म BLO के पास रहेगा जबकि दूसरी प्रतिलिपि आयोग को सौंपी जाएगी। इस दौरान BLO को हर वोटर के घर तीन बार तक जाना पड़ सकता है।

कैसे करें वेरिफिकेशन
वोटर स्वयं भी ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। अभियान के दौरान BLO मतदाताओं से पहचान और पते से जुड़े 13 दस्तावेजों की जांच करेंगे।

कुल मिलाकर, SIR प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाना है, लेकिन बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसके राजनीतिक असर को लेकर माहौल गर्म है।

SIR के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
बर्थ सर्टिफिकेटपासपोर्टमकान, सरकारी जमीन के कागज 10वीं या किसी अन्य एग्जाम का सर्टिफिकेट मूल निवास प्रमाण-पत्रजाति प्रमाण-पत्र परिवार रजिस्टर की कॉपी सरकारी नौकरी का पहचान पत्र/ पेंशन पेमेंट ऑर्डरNRC की एंट्रीआधार कार्ड से जुड़ा आयोग का दिशा-निर्देश 1 जुलाई 1987 से पहले का जारी कोई भी पहचान पत्र सरकार की तरफ से जारी जमीन या मकान आवंटन प्रमाणपत्र

  • बर्थ सर्टिफिकेट
  • पासपोर्ट
  • मकान, सरकारी जमीन के कागज
  • 10वीं या किसी अन्य एग्जाम का सर्टिफिकेट
  • मूल निवास प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र
  • परिवार रजिस्टर की कॉपी
  • सरकारी नौकरी का पहचान पत्र/ पेंशन पेमेंट ऑर्डर
  • NRC की एंट्री
  • आधार कार्ड से जुड़ा आयोग का दिशा-निर्देश
  • 1 जुलाई 1987 से पहले का जारी कोई भी पहचान पत्र
  • सरकार की तरफ से जारी जमीन या मकान आवंटन प्रमाणपत्र

वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 9 दिसंबर से जारी
SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग 9 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी करेगा. अंतिम वोटर लिस्ट 7 फरवरी को जारी की जाएगी. बता दें कि इससे पहले साल 2002-04 में SIR किया गया था.इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र वोटर का नाम वोटर लिस्ट में छूटे नहीं और अपात्र वोटर का नाम लिस्ट में न हो.

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