अलास्का में पुतिन-ट्रंप समिट: यूक्रेन पर शांति वार्ता, पर मतभेद बरकरार
अमेरिका के एंकरेज स्थित एलमेंडोर्फ-रिचर्डसन सैन्य अड्डे पर शनिवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। यह मुलाकात ढाई घंटे से अधिक चली।
क्या बोले पुतिन और ट्रंप?
- पुतिन ने वार्ता को “काफी अच्छी” बताया और कहा कि मुख्य चर्चा यूक्रेन युद्ध पर हुई। उन्होंने कहा कि संघर्ष समाप्त करने के लिए उसकी मूल वजहों को खत्म करना जरूरी है।
- पुतिन ने दावा किया कि अगर 2022 में ट्रंप राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता।
- ट्रंप ने बातचीत को “सार्थक” करार दिया लेकिन माना कि कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
- ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही नाटो और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत करेंगे।
पुतिन का शांति का संदेश
पुतिन ने कहा कि अब टकराव छोड़ संवाद का समय है। उन्होंने अगली बैठक मॉस्को में करने का सुझाव दिया। साथ ही यूरोपीय नेताओं से अपील की कि वे शांति प्रक्रिया में बाधा न डालें।
अलास्का की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पुतिन ने अलास्का को साझा इतिहास की निशानी बताया और अमेरिका-रूस को “पड़ोसी” कहा। यह पहली बार है जब कोई रूसी राष्ट्रपति अमेरिकी सैन्य अड्डे पर पहुंचे।
ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन ने बैठक को “पुतिन की जीत” बताया और कहा कि रूस ने बिना रियायत दिए अपने हित साध लिए।
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