हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 1.5 करोड़ तक मुआवजा, एयर इंडिया को इंश्योरेंस से मिलेगा बड़ा भुगतान

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अहमदाबाद विमान हादसा: पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा, एअर इंडिया को भी मिलेगा बीमा भुगतान।

एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787, VT-ANB) गुरुवार को अहमदाबाद में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। विमान में सवार सभी 241 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना के वक्त यह फ्लाइट मेघाणी नगर क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेज की एक इमारत पर जा गिरी, जिससे कई एमबीबीएस छात्रों की भी जान चली गई।

अब इस हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों और कॉलेज भवन में मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। अंतरराष्ट्रीय एविएशन संधियों और बीमा प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत दी जाएगी।

पीड़ितों को मिल सकता है 1.5 करोड़ तक मुआवजा
मॉन्ट्रियल कन्वेंशन 1999 के तहत, विमान हादसों के पीड़ितों को एयरलाइन द्वारा मुआवजा देना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर, एअर इंडिया को प्रत्येक मृतक यात्री के परिवार को औसतन 1.5 करोड़ रुपए तक का मुआवजा देना होगा। एयरलाइन की ओर से जल्द ही अंतरिम मुआवजे की घोषणा की जा सकती है।

कुल मुआवजा राशि लगभग 360 करोड़
अनुमानों के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाले 241 लोगों के परिजनों को कुल मिलाकर करीब 360 करोड़ रुपए का मुआवजा मिल सकता है। इसके अलावा, तीसरे पक्ष—जैसे कॉलेज भवन और उसमें हुई जनहानि—के लिए भी ऑपरेटर यानी एअर इंडिया को क्षतिपूर्ति करनी होगी।

बीमा कंपनियों से एअर इंडिया को भी मिलेगा भुगतान
एअर इंडिया को इस दुर्घटनाग्रस्त विमान के एवज में बीमा कंपनियों से 680 से 980 करोड़ रुपए तक का भुगतान मिल सकता है। विमान, यात्री बीमा और थर्ड पार्टी डैमेज—तीनों श्रेणियों में क्लेम शामिल होंगे। हालांकि टाटा समूह, जो एयर इंडिया की पेरेंट कंपनी है, पर इसका कोई प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि सभी नुकसान बीमा के दायरे में हैं।

मॉन्ट्रियल कन्वेंशन क्या है?
1999 में पारित मॉन्ट्रियल कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जो हवाई यात्रियों के अधिकारों और मुआवजे को सुनिश्चित करती है। भारत ने 2009 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत मुआवजे की राशि विशेष आहरण अधिकार (SDR) पर आधारित होती है और एयरलाइन द्वारा लिए गए बीमा कवरेज के अनुसार तय की जाती है।

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