G7 में ट्रंप का बयान: “रूस को बाहर करना बड़ी गलती, तभी शुरू हुआ युद्ध”
G7 शिखर सम्मेलन में पहुंचे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि G7 कभी G8 हुआ करता था, लेकिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने रूस को इस समूह से बाहर कर दिया। ट्रंप के मुताबिक, यही फैसला आज के वैश्विक संघर्षों की नींव बना।
“अगर मैं तब राष्ट्रपति होता, तो रूस को बाहर नहीं होने देता,” ट्रंप ने कहा। उन्होंने दावा किया कि रूस की मौजूदगी बनी रहती, तो दुनिया को मौजूदा युद्धों का सामना नहीं करना पड़ता।
कनाडा के साथ रिश्तों पर भी बोले ट्रंप
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी में ट्रंप ने कहा, “मैं G7 साझेदारों के साथ बैठक को लेकर उत्साहित हूं। मार्क (ट्रूडो) के प्रति आभार जताना चाहता हूं। हमारे बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं और हम व्यापार समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करने जा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की शीर्ष आर्थिक टीम इस बैठक में उनके साथ है, जिसमें कारोबारी और विशेषज्ञ शामिल हैं।
क्या G8 की वापसी संभव?
ट्रंप ने एक बार फिर G8 को बहाल करने की वकालत की। उन्होंने कहा, “G8 से रूस को हटाना एक रणनीतिक गलती थी। जब आप रूस पर चर्चा करते हैं, लेकिन उसे वार्ता की मेज से बाहर रखते हैं, तो इससे हालात और जटिल हो जाते हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वह पहले राष्ट्रपति बन गए होते, तो यूक्रेन युद्ध जैसी स्थिति शायद नहीं होती। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि मौजूदा सम्मेलन से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
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