बांग्लादेश में मुश्किल में शेख हसीना की अवामी लीग, कई नेता पुलिस रिमांड में

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बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज, शेख हसीना पर भी गिरफ्तारी वारंट जारी
बांग्लादेश की राजनीति इन दिनों भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।

मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही अंतरिम सरकार द्वारा अवामी लीग और उसके शीर्ष नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार को पार्टी के कई नेताओं को विभिन्न मामलों में पुलिस रिमांड पर भेजा गया, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।

पूर्व मंत्री जफर आलम को 18 दिन की पुलिस रिमांड
चाकरिया उपजिला के अवामी लीग अध्यक्ष और पूर्व सांसद जफर आलम को सात अलग-अलग मामलों में पूछताछ के लिए 18 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। चाकरिया की अदालत में भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच उन्हें पेश किया गया। कोर्ट परिसर के चारों ओर सेना और पुलिस ने सख्त घेरा बना रखा था।

अनिसुल हक और मोशर्रफ हुसैन भी हिरासत में
ढाका की एक अदालत ने पूर्व कानून मंत्री अनिसुल हक को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। उन्हें अगस्त 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पूर्व लोक निर्माण मंत्री इंजीनियर मोशर्रफ हुसैन को भी तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की पूर्व अभियोजक तुरीन अफरोज को भी हिरासत में लिया गया है।

अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई
बांग्लादेश पीपुल्स पार्टी (BPP) के अध्यक्ष बाबुल सरदार चखारी को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। अनिसुल हक पर शाहबाग पुलिस थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में पूछताछ जारी है।

शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
सूत्रों के अनुसार, अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनके परिवार के सदस्यों और कई वरिष्ठ अवामी लीग नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का संकेत देती है।

लोकतंत्र पर खतरा?
शेख हसीना का अगस्त 2024 में अनौपचारिक निष्कासन बांग्लादेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है। यूनुस सरकार को इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों के प्रति नरमी बरतने और विरोधियों पर दमनात्मक रवैया अपनाने के लिए आलोचना झेलनी पड़ रही है।

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