मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है।
आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने वही सिरप प्रिस्क्राइब किया था जिसमें जहरीले तत्व डायएथिलीन ग्लाइकॉल की खतरनाक मात्रा पाई गई। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर डॉक्टर सोनी और श्रीसन फार्मा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा
मध्य प्रदेश सरकार की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चों की मौत लापरवाही के कारण हुई। जांच में पाया गया कि सिरप में 46.2% डायएथिलीन ग्लाइकॉल मिला हुआ था — यह वही जहरीला रसायन है जो बच्चों की मौत की मुख्य वजह बना। रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी डॉक्टर प्रवीण सोनी प्राइवेट क्लीनिक से यह सिरप लगातार लिखते रहे, जबकि नागपुर से आई बायोप्सी रिपोर्ट में इसके खतरनाक प्रभाव का जिक्र पहले ही हो चुका था।
छह मौतों के बाद जागा प्रशासन
छिंदवाड़ा में छह बच्चों की मौत के बाद ही प्रशासन हरकत में आया था। पांच दिन की जांच के बाद सरकार ने रिपोर्ट पेश की है। बताया गया कि यह कोल्ड्रिफ कफ सिरप पहले से ही राजस्थान और तमिलनाडु में बैन किया जा चुका था, लेकिन मध्य प्रदेश में इसका इस्तेमाल जारी था।
सीएम मोहन यादव एक्शन मोड में
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने मानकों पर खरी न उतरने वाली सभी दवाओं पर छापामारी कर जब्ती के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित परिवारों को सहायता
राज्य सरकार ने छिंदवाड़ा में मृत 11 बच्चों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। बीमार बच्चों का इलाज पूरी तरह राज्य सरकार के खर्च पर कराया जाएगा।
सरकार का आदेश: कंपनी की बाकी दवाओं पर भी निगरानी
सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि कोल्ड्रिफ सिरप में पाए गए जहरीले तत्व डायएथिलीन ग्लाइकॉल (48.6% w/v) के कारण इसकी बिक्री तुरंत रोकी जाए। साथ ही श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा निर्मित सभी अन्य उत्पादों की बिक्री और वितरण पर भी रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को यह भी कहा गया है कि संबंधित दवाओं के नमूने फ्रीज कर परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं को भेजे जाएं और पूरे प्रदेश में इनकी उपलब्धता पर सख्त निगरानी रखी जाए।
Comments are closed.