दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर बड़ा कदम! नोएडा-गाजियाबाद में ऑफिस टाइम बदले, मेट्रो फेरे बढ़ाने की तैयारी

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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।

नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 400 के पार बना हुआ है, जिससे हालात आपातकाल जैसे हो गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुधार की संभावना से इनकार किया है। इसी बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है, जिसके तहत सख्त पाबंदियां और नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

GRAP-3 के तहत प्रमुख फैसले

  • पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाली सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
  • बोरिंग, खुदाई, ड्रिलिंग, सीमेंट-मिश्रण (RMC प्लांट), और तोड़फोड़ जैसे कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे।
  • सड़क निर्माण, मरम्मत और निर्माण सामग्री जैसे रेत, सीमेंट, ईंट आदि की लोडिंग-अनलोडिंग पर भी रोक लगाई गई है।
  • वेल्डिंग, गैस कटिंग जैसे भारी कार्यों पर पाबंदी होगी, जबकि छोटे पैमाने के मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों को अनुमति दी गई है।

पुराने वाहनों पर कड़ी सख्ती

  • दिल्ली और एनसीआर में बीएस-4 पेट्रोल और बीएस-5 डीजल वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
  • दिल्ली में बीएस-4 मानक या उससे नीचे के डीजल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • अन्य राज्यों में पंजीकृत बीएस-4 डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा।

शिक्षा और दफ्तरों पर असर

दिल्ली-एनसीआर के कई जिलों में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन-ऑफलाइन) में संचालित किए जाएंगे।

दिल्ली में सरकारी दफ्तरों के समय में पहले ही बदलाव किया जा चुका है, और अब नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी सरकारी कार्यालयों की टाइमिंग बदलने पर विचार चल रहा है।

केंद्र सरकार भी अपने कार्यालयों में समय में लचीलापन या वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने पर फैसला ले सकती है।

नागरिकों के लिए सलाह

  • छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
  • लोगों को कारपूलिंग या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
  • कोयला और लकड़ी से हीटिंग या खाना पकाने जैसे कार्यों से बचने की हिदायत दी गई है।
  • जिनकी नौकरी अनुमति देती है, उन्हें घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल हवाओं की गति बेहद धीमी है, जिसके कारण प्रदूषण में जल्द सुधार के आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और पर्यावरण एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर ग्रैप-4 लागू करने का भी विकल्प खुला रखा गया है।

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