बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक और मामले में सजा सुनाई गई है।
ढाका की विशेष अदालत-4 ने सोमवार को जमीन घोटाले से जुड़े प्रकरण में हसीना को पांच वर्ष जेल, जबकि उनकी भतीजी और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी को दो वर्ष की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले में हसीना की बहन शेख रेहाना को सात वर्ष की सजा भी दी। तीनों की गैर-मौजूदगी में यह फैसला सुनाया गया।
78 वर्षीय हसीना को पिछले महीने मानवता के खिलाफ अपराधों के एक मामले में मौत की सजा तथा भ्रष्टाचार से जुड़े तीन अन्य मामलों में कुल 21 वर्ष कैद की सजा दी जा चुकी है। सरकारी एजेंसी बीएसएस के अनुसार, जमीन घोटाले का यह मामला कुल 17 आरोपितों के खिलाफ दर्ज था। अदालत ने शेष 14 आरोपियों को भी पांच-पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई और सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना लगाया। जुर्माना न चुकाने पर छह माह अतिरिक्त कैद का प्रावधान रखा गया है।
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, भ्रष्टाचार रोधी आयोग (एसीसी) द्वारा दायर मामलों में हसीना के खिलाफ यह चौथा फैसला है। जनवरी 2024 में एसीसी ने पूर्बाचल न्यू टाउन परियोजना में भूखंड आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर छह मामलों की शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप है कि हसीना ने वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से अपने बेटे साजीब वाजिद, बेटी साइमा वाजिद, बहन रेहाना और अन्य रिश्तेदारों के लिए नियमों का उल्लंघन कर 7200 वर्ग फीट के छह भूखंड आवंटित कराए।
गौरतलब है कि छात्र आंदोलन के चलते 5 अगस्त 2024 को हसीना सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद से हसीना भारत में रह रही हैं।
18 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े आरोपों में हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। 27 नवंबर को ढाका की विशेष अदालत-5 ने भ्रष्टाचार के तीन मामलों में उन्हें 21 वर्ष जेल की सजा दी थी। ये सभी फैसले भी उनकी अनुपस्थिति में सुनाए गए।
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