ग्रीनलैंड पर कब्जे के मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी में फूट, ट्रंप के अपने सांसदों ने जताया विरोध

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रणनीतिक महत्व वाले आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

एक ओर ट्रंप इस विषय पर लगातार सख्त बयान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी ही रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता इस प्रस्ताव के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। डेमोक्रेट सांसदों के साथ-साथ कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी ग्रीनलैंड की स्वायत्तता के समर्थन में आवाज उठाई है। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इस मतभेद को ट्रंप के लिए एक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के 11 सांसदों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड पहुंच गया है। यह दल डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं से मुलाकात कर उन्हें यह भरोसा दिलाएगा कि अमेरिकी संसद का एक बड़ा वर्ग ग्रीनलैंड की संप्रभुता के पक्ष में है।

किन रिपब्लिकन नेताओं ने जताया विरोध

इस प्रतिनिधिमंडल में रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस और लीजा मुर्कोवस्की शामिल हैं। ट्रंप का तर्क है कि ग्रीनलैंड का रणनीतिक महत्व अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और आर्कटिक क्षेत्र में मौजूद खनिज संसाधनों को देखते हुए अमेरिका को इसकी जरूरत है। ट्रंप ने इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।

डेनमार्क और यूरोप की प्रतिक्रिया

ट्रंप के बयानों के बाद डेनमार्क के आग्रह पर कुछ यूरोपीय देशों ने सीमित संख्या में सैन्य बल भी तैनात किए हैं।
डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन से मुलाकात करेगा।

‘सहयोगियों से दूरी नहीं, नजदीकी जरूरी’

क्रिस कून्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के इस दौर में अमेरिका को अपने सहयोगियों के और करीब रहना चाहिए, न कि उन्हें दूर करना चाहिए।
विदेश संबंध समिति की सदस्य और न्यू हैम्पशायर की सीनेटर जीन शाहीन ने चेतावनी दी कि ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की चर्चा से नाटो की छवि को नुकसान पहुंचा है और इससे अमेरिका अनजाने में रूस और चीन को रणनीतिक बढ़त दे रहा है।

अमेरिका में समर्थन जुटाने की कोशिश

इस बीच डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्सफेल्ट ने अमेरिका में सांसदों से मुलाकात कर ग्रीनलैंड के पक्ष में समर्थन जुटाने का फैसला किया है।

रॉयटर्स-इप्सोस के एक सर्वे के अनुसार, केवल 17 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने ही ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के विचार का समर्थन किया है, जबकि बहुमत इस कदम के खिलाफ है।

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