बजट 2026 आज: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी आम बजट, मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग पर फोकस

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार नौवां आम बजट पेश करेंगी।

बजट 2026 में सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास को गति देने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने और घरेलू मांग बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर निर्भरता घटाने और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए यह रणनीति अहम साबित हो सकती है।

बजट की संभावित प्राथमिकताएं

मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात
सरकार स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई घोषणाएं कर सकती है। वैश्विक मंदी के चलते निर्यात में तेजी एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को दी जाने वाली राहतों से मध्यम और लंबी अवधि में सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

शहरी विकास और स्वास्थ्य ढांचा
आगामी वित्त वर्ष में शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए बड़े बजटीय आवंटन की संभावना जताई जा रही है।

नगर निकायों का सशक्तिकरण
स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को नए राजस्व मॉडल अपनाने का सुझाव दे सकती है, जिससे शहरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार हो सके।

कृषि और किसान कल्याण
किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उत्पादकता में इजाफा करने और पारंपरिक खेती के बजाय व्यावसायिक फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा संभव है।

इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद कम

विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में टैक्स राजस्व की वृद्धि दर पहले की तुलना में कम रहने का अनुमान है। इनकम टैक्स और जीएसटी में पहले ही दी गई राहतों के चलते इस बजट में व्यक्तिगत आयकर में किसी बड़ी छूट की संभावना कम मानी जा रही है।

सरकार खाद्य, उर्वरक और मनरेगा जैसी योजनाओं के लिए करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी रख सकती है। ऐसे में राजस्व जुटाने के लिए संपदा के मौद्रीकरण और विनिवेश से जुड़े प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा हो सकते हैं।

पूंजीगत खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

पिछले चार-पांच बजट की तरह इस बार भी पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी की संभावना है। इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार सृजन, उत्पादन लागत में कमी और मांग बढ़ने जैसे बहुआयामी लाभ मिलने की उम्मीद है। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरते क्षेत्रों को भी बजट में विशेष महत्व दिया जा सकता है।

चुनावी राज्यों को मिल सकती है सौगात

इस वर्ष पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में पिछले वर्षों की तरह इन राज्यों के लिए विशेष योजनाओं या परियोजनाओं की घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा, सरकार अपने फिस्कल कंसॉलिडेशन रोडमैप पर कायम रहते हुए चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के लक्ष्य से आगे फिस्कल डेफिसिट को और कम करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

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