मध्य पूर्व में जारी Iran–USA संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि “ईरान के कई सैन्य नेता” इस्लामिक गणराज्य में अमेरिकी स्ट्राइक में मारे गए।
ट्रंप ने इसे Tehran में हुआ बड़ा हमला बताया और शहर में हुए धमाकों का वीडियो फुटेज भी साझा किया। हालांकि, उन्होंने हमले के लक्ष्यों और अन्य विवरणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
ट्रंप का चेतावनी संदेश
ट्रंप ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो उस पर “कहर टूट पड़ेगा।” इस बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि यदि अमेरिका और इज़राइल संघर्ष को और बढ़ाते हैं, तो पूरा क्षेत्र “जहन्नुम” बन जाएगा।
शनिवार को ईरान ने खाड़ी देशों, इराक और इज़राइल को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमलों का एक और दौर शुरू किया। इन हमलों में रोकने वाले मिसाइलों के मलबे से कुछ नुकसान भी हुआ।
अमेरिकी विमान और क्रू की स्थिति
पिछले शुक्रवार को दक्षिणी ईरान में एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। अमेरिकी और ईरानी सेनाएं अब उस लापता अमेरिकी क्रू सदस्य की तलाश में जुटी हैं। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया।
ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अमेरिकी क्रू सदस्य को पकड़वाने में मदद करें और उसके लिए इनाम की घोषणा भी की है। इसी अभियान में शामिल एक अमेरिकी A-10 वॉर्थॉग विमान पर भी हमला हुआ, लेकिन उसका पायलट सुरक्षित रहा।
युद्ध का प्रभाव
पिछले हफ्ते ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया था, ताकि ईरान को समझौता करने का समय मिल सके। इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से हुई थी।
अब तक हजारों लोग इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। वैश्विक तेल बाजार पर इसका असर पड़ा है, अहम समुद्री रास्ते बाधित हुए हैं और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। दोनों पक्षों ने आम नागरिकों और उनके ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियां दी हैं और कुछ हमले भी किए गए हैं, जिससे संभावित युद्ध अपराधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चेतावनी जारी की गई है।
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