त्विषा और उसके पति के बीच था कोई ‘तीसरा’, जांच में आया नया मोड़

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त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच का नया एंगल, वैवाहिक रिश्ते में ‘तीसरे व्यक्ति’ की भूमिका खंगाल रही CBI

भोपाल में मॉडल और एक्टर त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच कर रही सीबीआई को मामले में एक नया सुराग मिला है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अब पति-पत्नी के रिश्ते में कथित तौर पर किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि इस सिलसिले में ‘अमित’ नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसके बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान त्विषा के पति समर्थ सिंह ने दावा किया है कि पत्नी की प्रेग्नेंसी को लेकर उनके मन में संदेह था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और सीबीआई सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि दंपती कथित तौर पर केमिकल आधारित नशे का सेवन करते थे। सूत्रों का कहना है कि इसी वजह से गर्भावस्था को लेकर चिकित्सकीय चिंताएं भी जताई गई थीं। अब सीबीआई त्विषा का इलाज करने वाले डॉक्टरों और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड की भी जांच करेगी, ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

शनिवार को सीबीआई अधिकारियों ने आरोपित सास, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, और समर्थ सिंह से अलग-अलग दौर की पूछताछ की। एजेंसी ने 12 मई की घटनाओं को लेकर दोनों के बयानों का मिलान किया। पूछताछ के दौरान गिरिबाला ने कथित तौर पर कहा कि घटना के समय समर्थ नशे की हालत में था, जिसके कारण उन्होंने उसे घर से बाहर जाने के लिए कहा था।

उल्लेखनीय है कि 12 मई को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में त्विषा का शव फंदे से लटका मिला था। इसके बाद मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई।

क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी CBI

मौत की परिस्थितियों को समझने और बयानों की सत्यता परखने के लिए सीबीआई जल्द ही घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी। इसके लिए दिल्ली से फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। जांच के दौरान त्विषा के वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल कर यह समझने की कोशिश की जाएगी कि घटना कैसे हुई होगी।

एजेंसी समर्थ सिंह के उस दावे की भी जांच करेगी, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने त्विषा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि गिरिबाला सिंह ने गले की गांठ खोली थी। दोनों को कथित घटनाक्रम दोहराने के लिए कहा जा सकता है, ताकि उनके बयानों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके।

इसके अलावा, उस बेल्ट की भी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिसके जरिए फंदा लगाने की बात कही गई है। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि वह बेल्ट कितना वजन सहन कर सकती थी और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों से उसका मेल बैठता है या नहीं।

34 मिनट का वीडियो बना अहम साक्ष्य

जांच के दौरान एक पुलिस आरक्षक द्वारा बनाई गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उभरी है। जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जब पुलिस पहली बार घर पहुंची थी, तब आरक्षक राघवेंद्र ने पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग की थी।

सीबीआई ने इस वीडियो को जांच में अहम माना है, क्योंकि इससे घटनास्थल की स्थिति समझने और कई तथ्यों का सत्यापन करने में मदद मिली है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने आरक्षक की सतर्कता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना भी की है।

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