देश के कई हिस्सों में मानसून अब रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले पांच से छह दिनों के भीतर दिल्ली पहुंच सकता है।
विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी अरब सागर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शेष इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। राजधानी दिल्ली में सोमवार को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मानसून के इंतजार के बीच रविवार को दिल्ली ने पिछले दो वर्षों का सबसे गर्म दिन दर्ज किया। अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा। अत्यधिक उमस के कारण लोगों को तापमान 50.7 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हुआ। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी अनुमान जताया है कि यदि मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां बनी रहीं तो चार जुलाई तक मानसून दिल्ली में दस्तक दे सकता है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पालावत के अनुसार, पाकिस्तान से आने वाली शुष्क हवाएं और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं आपस में मिल रही हैं। इससे बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण व्यापक बारिश नहीं हो पा रही है। दिन के सबसे गर्म समय में बादलों का विकास होने से भी बारिश की संभावना कमजोर पड़ रही है।
पूर्वोत्तर में बारिश बनी आफत
दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा कर दी है। अरुणाचल प्रदेश के केयी पेनयोर क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड में तीन लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य के 10 जिले बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार तक कुछ क्षेत्रों में 200 मिमी तक बारिश होने का अनुमान जताया है।
उधर, सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फिडांग और संकालांग को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बह गया, जिससे यह इलाका राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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