UNGA में ट्रंप की ईरान को चेतावनी: ‘शांति समझौता न किया तो बर्बाद होगा ईरान’, ट्रंप बोले- इस्लामिक राष्ट्र को नहीं बनाने देंगे परमाणु बम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए ईरान को लेकर कड़ा रुख दोहराया।
ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति कभी नहीं देंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर तेहरान के साथ शांति समझौता नहीं होता है तो अमेरिका उसके खिलाफ और कठोर कदम उठा सकता है।
ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए आर्थिक दबाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगे और दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने का रास्ता खुले।
आठ संघर्षों को खत्म करने का दावा
ट्रंप ने अपने प्रशासन की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों या संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है। इनमें भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 का संघर्ष भी शामिल बताया। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भी प्रशंसा की और भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर अपने पुराने दावे को दोहराया।
रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों पक्षों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इस संघर्ष का भी समाधान निकलेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने किया वॉकआउट
ट्रंप के ईरान संबंधी बयान के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सभागार से बाहर निकलना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और तेहरान की नीतियों पर बोल रहे थे, उसी दौरान यह वॉकआउट हुआ।
AI की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ का जिक्र
ट्रंप ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों में अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने AI को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियमन की कोशिशों पर भी सवाल उठाए।
ICC और संयुक्त राष्ट्र पर भी निशाना
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की भी आलोचना की और देशों से उसकी सदस्यता तथा अधिकार क्षेत्र को लेकर पुनर्विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली, खर्च और नौकरशाही पर भी सवाल उठाए तथा संगठन में सुधार की जरूरत बताई।
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के अलावा यूक्रेन, क्यूबा, वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी अमेरिका की नीतियों और अपनी सरकार के कदमों का उल्लेख किया।
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