शादी के कुछ घंटे बाद हेलीकॉप्टर हादसा, दूल्हे की मौत; 6 घंटे तक मलबे में पति के शव के साथ फंसी रही दुल्हन
अमेरिका के जॉर्जिया में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रिसेप्शन के कुछ देर बाद नवविवाहित जोड़े को होटल ले जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे में 25 वर्षीय दूल्हे डेव फिजी और हेलीकॉप्टर के पायलट की मौत हो गई, जबकि दुल्हन जेस्नी सैम गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के करीब चार महीने बाद जेस्नी ने शादी के आयोजन स्थल द रेवरे और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर प्रेस्टीज हेलिकॉप्टर्स के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दायर किया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि खराब मौसम और कम दृश्यता के बावजूद उड़ान संचालित की गई।
10 साल से ज्यादा पुराने रिश्ते के बाद हुई थी शादी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जेस्नी सैम और डेव फिजी एक दशक से अधिक समय से साथ थे। दोनों ने 29 मई को जॉर्जिया के डॉसनविले स्थित द रेवरे वेन्यू में परिवार और सैकड़ों मेहमानों की मौजूदगी में शादी की थी।
रिसेप्शन समाप्त होने के बाद रात करीब 9:30 बजे दोनों को हेलीकॉप्टर से होटल के लिए रवाना होना था। यह उनके शादी समारोह का हेलीकॉप्टर सेंड-ऑफ था।
खराब मौसम को लेकर दूल्हे ने जताई थी चिंता
दूल्हे डेव फिजी खुद डेल्टा एयरलाइंस में पायलट रह चुके थे। परिवार के अनुसार, उड़ान से पहले उन्होंने मौसम और कम दृश्यता को लेकर चिंता जताई थी। उनके पिता ने दावा किया कि डेव ने कहा था कि वह खुद ऐसे मौसम में उड़ान नहीं भरते।
मुकदमे के मुताबिक, ऑपरेटर की ओर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने की बात कही गई और हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। हालांकि, कुछ ही मिनट बाद वह घने जंगल वाले इलाके में पेड़ों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
करीब छह घंटे मलबे में फंसी रहीं दुल्हन
हादसे में जेस्नी बेहोश हो गई थीं और उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मुकदमे के अनुसार, उनके कूल्हे, पैर, गर्दन, उंगलियों, बांह और पेट में चोटें आईं। वह करीब छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं और उनके ऊपर उनके पति का शव पड़ा था।
हादसे के बाद से जेस्नी कथित तौर पर पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), डिप्रेशन, चिंता और उड़ान के डर जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं।
वेन्यू और हेलीकॉप्टर कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
दायर मुकदमे में जेस्नी ने द रेवरे और प्रेस्टीज हेलिकॉप्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शिकायत में दावा किया गया है कि उड़ान से पहले मौसम की परिस्थितियों का पर्याप्त आकलन नहीं किया गया और बारिश, कोहरे तथा कम दृश्यता के बावजूद हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति दी गई।
मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि पायलट ने खराब मौसम को देखते हुए उड़ान रद्द नहीं की। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
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