अमेरिका ने WHO से दूरी बनाई, पुनः सदस्यता से किया इनकार; 260 मिलियन डॉलर बकाया

3

अमेरिका गुरुवार, 22 जनवरी को आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अलग हो गया।

अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (HHS) ने पुष्टि की कि अमेरिका ने WHO से बाहर निकलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह फैसला अमल में आ गया, जिसकी घोषणा उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए की थी।

अमेरिका ने न सिर्फ WHO से अलग होने का फैसला लागू किया है, बल्कि संगठन का बकाया भुगतान करने से भी इनकार कर दिया है। फिलहाल अमेरिका पर WHO का करीब 260 मिलियन डॉलर (लगभग 2,380 करोड़ रुपये) बकाया है।

बकाया भुगतान पर कानूनी अड़चन

अमेरिकी कानून के तहत, किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन से बाहर निकलने के लिए एक साल पहले नोटिस देना और सभी बकाया वित्तीय दायित्व पूरे करना जरूरी होता है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि WHO के पास अमेरिका से बकाया राशि वसूलने का कोई ठोस तंत्र नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के बाहर निकलने से वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।

WHO को अमेरिकी फंडिंग पूरी तरह बंद

HHS ने बताया कि WHO में दी जाने वाली सभी अमेरिकी सरकारी फंडिंग तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही संगठन में तैनात अमेरिकी कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टरों को भी वापस बुला लिया गया है। अमेरिका ने WHO की स्पॉन्सर कमेटियों, लीडरशिप बॉडी, गवर्नेंस ढांचे और तकनीकी कार्य समूहों में अपनी आधिकारिक भागीदारी भी खत्म कर दी है।

एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का WHO में ऑब्जर्वर के तौर पर भी शामिल होने का कोई इरादा नहीं है और दोबारा सदस्य बनने की कोई योजना नहीं है।

जिनेवा में हटाया गया अमेरिकी झंडा

रॉयटर्स के मुताबिक, गुरुवार को जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिकी झंडा हटा दिया गया। हाल के हफ्तों में अमेरिका कई अन्य संयुक्त राष्ट्र संगठनों से भी दूरी बना रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के हालिया कदम संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं।

WHO बकाया पर क्या विकल्प हैं?

जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ लॉ एक्सपर्ट डॉ. लॉरेंस गोस्टिन ने CNN से कहा कि कानूनी तौर पर अमेरिका तब तक WHO से पूरी तरह अलग नहीं हो सकता, जब तक वह अपना बकाया भुगतान नहीं करता। हालांकि, WHO के पास अमेरिका को भुगतान के लिए मजबूर करने की कोई व्यावहारिक शक्ति नहीं है। संगठन चाहे तो इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर सकता है, लेकिन ऐसा करने से तनाव बढ़ने का जोखिम है।

सहयोग के लिए रास्ता पूरी तरह बंद नहीं

हालांकि अमेरिका ने औपचारिक सदस्यता समाप्त कर दी है, लेकिन HHS ने कहा कि तकनीकी सहयोग के लिए दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। जब आगामी फ्लू वैक्सीन की संरचना तय करने से जुड़ी WHO बैठक में भागीदारी को लेकर सवाल किया गया, तो प्रशासन ने कहा कि इस पर बातचीत जारी है।

HHS के प्रवक्ता ने दावा किया कि WHO की वजह से अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका संगठन को सबसे ज्यादा फंड देने वाला देश था, लेकिन इसके बावजूद उसे निवेश के अनुरूप लाभ नहीं मिला और WHO का कोई महानिदेशक कभी अमेरिकी नहीं रहा।

Comments are closed.