आपदाग्रस्त नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, राहत एवं बचाव दल अब तक करीब 13,400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुके हैं।
गोरखा में फिर आई बाढ़, पुल और घर बहे
इस बीच गोरखा जिले में नामरंग खोला नदी में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर तबाही मचाई। तेज बहाव में एक सस्पेंशन पुल और चार घर बह गए। इसके अलावा दो छोटी हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर ढहने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया था। इसके चलते आई विनाशकारी बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के नौ जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया। कई घर, वाहन, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर से जुड़ा बुनियादी ढांचा बाढ़ की चपेट में आया।
चितवन में सबसे ज्यादा नुकसान
आपदा में सबसे अधिक जानमाल का नुकसान चितवन जिले में बताया जा रहा है। यहां अब तक 362 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 98 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, जबकि करीब 1,000 शवों को फिलहाल अस्थायी रूप से दफनाया गया है।
वहीं, बड़ी संख्या में लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में जुटे हैं। अस्पतालों और अन्य स्थानों पर लगाए गए मृतकों के फोटो देखकर लोग अपनों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।
तिब्बत से लौटे 431 नेपाली नागरिक
तिब्बत क्षेत्र में फंसे 431 नेपाली नागरिकों की स्वदेश वापसी हो चुकी है। इन लोगों ने तातोपानी बॉर्डर प्वाइंट के जरिए नेपाल में प्रवेश किया।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तिब्बत में अभी भी 105 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। सरकार ने उन्हें भी जल्द नेपाल वापस लाने की बात कही है।
88 हजार LPG सिलेंडर जुटाए गए
बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नेपाल में बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। देशभर से करीब 88,000 LPG सिलेंडर जुटाकर काठमांडू में रखे गए हैं।
नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, इस अभियान में 18 कंपनियों को लगाया गया है। सड़क संपर्क बाधित होने के कारण सिलेंडरों को वैकल्पिक मार्गों से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जाएगा।
नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्री बिक्रम तिमिलसिना ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि राहत सामग्री की कमी न हो और उसके वितरण में अव्यवस्था पैदा न हो। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जलवायु न्याय के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील भी की।
यात्रा सलाह सीमित रखने की अपील
नेपाल ने मित्र देशों से अपील की है कि वे यात्रा संबंधी सलाह को केवल बाढ़ से प्रभावित इलाकों तक सीमित रखें। सरकार का कहना है कि देश के बाकी हिस्से पर्यटकों और यात्रियों के लिए खुले और सुरक्षित हैं।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह विदेशों में स्थित अपने मिशनों के साथ मिलकर मित्र देशों के संपर्क में है। यह अपील ऐसे समय की गई है जब अमेरिका ने अपने नागरिकों को नेपाल की यात्रा से बचने की सलाह दी है।
नेपाल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है। विश्व बैंक के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र का देश की GDP में करीब 6.4 प्रतिशत योगदान है और लगभग 15.2 प्रतिशत आबादी इस क्षेत्र से जुड़े रोजगार पर निर्भर है।
विदेशी पत्रकारों के लिए नए नियम
आपदा प्रभावित क्षेत्रों की कवरेज के लिए नेपाल सरकार ने विदेशी मीडिया से जुड़े पत्रकारों के लिए मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया है।
विदेशी पत्रकारों को नेपाल के सूचना एवं प्रसारण विभाग की ऑनलाइन सेवा के जरिए आवेदन करना होगा। इसके साथ वैध वीजा या प्रवेश परमिट वाले पासपोर्ट की प्रति समेत जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। उन्हें अपने मीडिया संगठन और संबंधित दूतावास से सिफारिशी पत्र भी देना होगा।
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