Middle East से बाहर ईरान का बड़ा हमला: हिंद महासागर में US-UK सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और व्यापक होता जा रहा है।
दोनों पक्ष लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। इसी बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट के बाहर भी हमला कर हालात को और गंभीर बना दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने शनिवार को हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया की ओर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह द्वीप अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य अड्डा है और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
मिडिल ईस्ट से बाहर बड़ा कदम
मिडिल ईस्ट की सीमाओं से बाहर अमेरिकी-ब्रिटिश ठिकाने को निशाना बनाना ईरान का अब तक का एक बड़ा और असामान्य कदम माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं।
क्या हुआ हमले के दौरान?
अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही नष्ट हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी युद्धपोत से दागे गए इंटरसेप्टर से रोकने की कोशिश की गई। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इंटरसेप्शन पूरी तरह सफल रहा या नहीं, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
क्यों अहम है डिएगो गार्सिया?
हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया वैश्विक सैन्य रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण ठिकाना है। यह ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन इसका संचालन मुख्य रूप से अमेरिका करता है।
यह बेस अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और एशिया तक फैले बड़े इलाके में हवाई और नौसैनिक अभियानों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में काम करता है। ऐसे में इस पर हमला क्षेत्रीय संघर्ष को वैश्विक स्तर तक ले जाने की आशंका बढ़ाता है।
कुल मिलाकर, ईरान का यह कदम संकेत देता है कि अब टकराव केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रह सकता और इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
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