विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत की और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के हमलों को लेकर भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने रूबियो से बातचीत में खाड़ी में हुए उन हमलों पर भारत की गंभीर आपत्ति दोहराई, जिनमें भारतीय नाविकों की जान गई। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन और चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर औपचारिक रूप से विरोध दर्ज कराया।
मंत्रालय ने साफ किया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। बताया गया कि जेसन मीक्स को इससे पहले बुधवार रात भी तलब किया गया था।
घटना 10 जून को ओमान तट के पास हुई, जब पलाऊ में पंजीकृत टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर कथित तौर पर हमला हुआ। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन की मौत हो गई। मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है।
इससे पहले 8 जून को ‘मारिवेक्स’ और 11 जून को ‘जलवीर’ नामक जहाजों पर भी हमले हुए थे, जिनमें 40 से अधिक भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़ गई थी।
Comments are closed.